महिला आयोग ने बाल आयोग को सौंपा मामला

रायपुर- छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक, सदस्यगण सरला कोसरिया, ओजस्वी मंडावी ने 16 सितंबर को छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की. आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर 345 वी. एवं रायपुर जिले में 164 वी. जनसुनवाई की गई.
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग में एक ऐसा मामला आया जिसमें एक युवती का 11 वर्ष छोटे नाबालिग से अफेयर का मामला सामने आया है. 28 वर्ष की युवती ने 17 साल के लड़के से दोस्ती की फिर दोनों रिलेशनशिप में आ गए. जब युवती ने लड़के से शादी करने की बात रखी तो लड़का पीछे हट गया. इसके बाद युवती ने 50 लाख की डिमांड की और नहीं देने पर थाने में शारीरिक शोषण करने की रिपोर्ट दर्ज कराई. वहीं यह मामला महिला आयोग भी पहुंचा.
प्रकरण में आवेदिका व अनावेदक के माता-पिता आयोग के समक्ष उपस्थित हुए उन्होंने बताया कि अनावेदक वर्तमान में 17 वर्षीय नाबालिग है. उसके स्कूल के दसतावेज व जन्म प्रमाण पत्र व आधार कार्ड की काॅपी आयोग में प्रस्तुत किया गया. अनावेदक के पिता ने बताया कि उनके द्वारा बाल संरक्षण आयोग में आवेदिका के खिलाफ लिखित शिकायत दो माह पूर्व किया गया है. आवेदिका 28 वर्ष की है. आवेदिका से पूछने पर उसने बताया कि वह 28 वर्ष की है और उसे नहीं मालूम था कि अनावेदक 17 वर्ष का नाबालिक है. फरवरी माह में आवेदिका थाना पुरानी बस्ती में गई तब उसे पता चला कि अनावेदक नाबालिक है. आवेदिका अपने साथ हुए दैहिक शोषण के लिए अनावेदक से 50 लाख रू. की मांग कर रही है जबकि अनावेदक आवेदिका से 11 वर्ष छोटा है और विवाह योग्य उम्र से 04 वर्ष छोटा है. इस स्थिति में प्रकरण का निराकरण महिला आयोग के द्वारा किया जाना संभव नहीं है. आयोग में आवेदिका के आवेदन को मूलतः बाल संरक्षण आयोग में भेजने का आदेश आयोग ने किया है क्योंकि अनावेदक नाबालिक है. इस आशय का पत्र भी बाल संरक्षण आयोग में महिला आयोग द्वारा भेजा जायेगा. साथ ही आवेदिका के आवेदन के निराकरण भी बाल संरक्षण आयोग द्वारा किया जायेगा.
