12 घंटे के भीतर पकड़ा गया फरार विचाराधीन बंदी को

रायपुर- हत्या के मामले में सेंट्रल जेल में बंद विचाराधीन कैदी करण पोर्ते, जो उपचार के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायपुर में भर्ती था, शनिवार को पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था. रायपुर पुलिस, दुर्ग पुलिस, राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी), और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के संयुक्त अभियान में उसे एक ट्रेन से गिरफ्तार कर लिया गया है.
जानकारी के मुताबिक, थाना मंदिर हसौद जिला रायपुर के अपराध क्रमांक 98/2021 धारा 307, 302 भादवि. के विचाराधीन बंदी करण पोर्ते निवासी सेरीखड़ी गोंड पारा थाना मंदिर हसौद केन्द्रीय जेल रायपुर में निरूद्ध था. इसी दौरान विचाराधीन बंदी करन पोर्ते का स्वास्थ्य खराब होने से उसे जेलकर्मियों द्वारा विचाराधीन बंदी को उपचार हेतु एम्स हॉस्पिटल रायपुर में 06.09.2025 को भर्ती कराया गया था. उपचार के दौरान विचाराधीन बंदी मौका पाकर एम्स हॉस्पिटल रायपुर से फरार हो गया था, कि केन्द्रीय जेल रायपुर के जेलकर्मी की रिपोर्ट पर आरोपी विचाराधीन बंदी करन पोर्ते के विरूद्ध थाना आमानाका में अपराध क्रमांक 299/2025 धारा 262 बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध किया गया था.
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना आमानाका पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा फरार आरोपी विचाराधीन बंदी करन पोर्ते के संबंध में मुखबीर लगाने के साथ ही तकनीकी विश्लेषण व अन्य माध्यमों से लगातार पतासाजी की जा रहीं थी. इसी दौरान टीम के सदस्यों को आरोपी विचाराधीन बंदी के ट्रेन के माध्यम से फरार होने की सूचना प्राप्त हुई जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा जी.आर.पी पुलिस एवं आर.पी.एफ. से समन्वय स्थापित कर आरोपी विचाराधीन बंदी के संबंध में जानकारी साझा किया गया. इसी दौरान टीम के सदस्यों एवं जी.आर.पी पुलिस दुर्ग की सहायता से आरोपी विचाराधीन बंदी करन पोर्ते को 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया गया है.
