महतारी सदन का निर्माण उपर्युक्त स्थान पर हो

दुर्ग- संभागायुक्त एस.एन. राठौर ने मंगलवार को संभाग कार्यालय के सभाकक्ष में संभाग स्तरीय अधिकारियों की बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा युरिया खाद की मांग को ध्यान में रखते हुए संभाग अंतर्गत जिलों के डबल लॉक में उपलब्ध युरिया खाद सहकारी समितियों के माध्यम से मांग के आधार पर किसानों को वितरण कराई जाए. उन्होंने संयुक्त संचालक कृषि को विभागीय अधिकारियों के माध्यम से निजी उर्वरक दुकानों के सतत् निरीक्षण कराने के निर्देश दिए. साथ ही युरिया खाद की बिक्री निर्धारित दर से अधिक ना हो इस पर विशेष ध्यान देने कहा. अनियमितता पाए जाने पर जब्त खाद को भी समय पर किसानों को वितरित कराया जाए.
संभागायुक्त श्री राठौर ने स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी लेते हुए कहा कि युक्तियुक्तकरण पश्चात् स्कूलों में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था हो गई है. शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देवे यह सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने संयुक्त संचालक शिक्षा को गैर-शिक्षकीय कार्यों हेतु शिक्षकों का संलग्नीकरण अन्यंत्र कार्यालयों में नहीं करने के निर्देश दिए. शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में मादक पदार्थों की बिक्री आदि न हो यह सुनिश्चित किया जाए. नव प्रवेशी स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण पत्र समय पर बनाए जाए. संभागायुक्त श्री राठौर ने जेआरडी स्कूल के पास स्थित जिला ग्रंथालय में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने संयुक्त संचालक शिक्षा को निदेर्शित किया. उन्होंने आरईएस द्वारा ग्राम पंचायतों में बनाए जा रहे महतारी सदन की जानकारी लेते हुए कहा कि महतारी सदन का निर्माण उपर्युक्त स्थान पर हो, जहां गांव की महिलाएं आ-जा सके. संभागायुक्त श्री राठौर ने अधीक्षण अभियंता जल संसाधन से संभाग के जलाशयों में जल भराव की स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में फसल सिंचाई हेतु किसानों की मांग है, वहां नहरों से पानी छोड़ा जाए.
संभागायुक्त श्री राठौर ने मादक पदार्थों की रोकथाम हेतु शहरों के अलावा गांवों में भी जन-जागरूकता रैलियां आयोजित करने कहा. शहरी क्षेत्रों में यह रैली नियमित हो, जिसमें आईटीआई, पॉलिटेक्निक, स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों को शामिल किया जाए. उन्होंने जल जीवन मिशन के महत्वपूर्ण संकेतकों तथा शत्-प्रतिशत एफएचटीसी प्राप्त करने वाले पंचायतों/ग्रामों की प्रगति की जानकारी ली. पीएचई विभाग के अधिकारी ने बताया कि मिशन अंतर्गत कार्य पूर्ण होने पर 797 गांवों को योजना हैंड ओवर कर दी गई है. इसी प्रकार 2900 गांवों में पेय जल सप्लाई किया जा रहा है. इन गांवों को हैंड ओवर नहीं किया गया है. सहकारिता विभाग के संयुक्त पंजीयक ने अवगत कराया कि पंचायतों को एक प्राथमिक सहकारी समिति से जोड़ने का कार्य प्रगतिरत् है. संभाग के कुल 2444 ग्राम पंचायतों में से 1109 ग्राम पंचायतों को समितियों द्वारा कव्हर किया गया है. इन पंचायतों में दुग्ध, मत्स्य एवं वनोपज समितियों के गठन को प्राथमिकता दी गई है. संभागायुक्त श्री राठौर ने सीजीएमएससी द्वारा निर्मित भवनों की जानकारी ली और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए. उन्होंने समय-सीमा के लंबित प्रकरणों पर की गई विभागीय कार्यवाही की भी समीक्षा की.
बैठक में उपायुक्त (राजस्व) पदुमलाल यादव, उपायुक्त (विकास) संतोष ठाकुर सहित समस्त विभाग के संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे.
