इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय तथा डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान के मध्य कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान हेतु समझौता

रायपुर- उज्बेकिस्तान के डेनाऊ इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी के रेक्टर प्रो. ओयबेक आब्दीमुमीनोविच रोज़िव ने कहा है कि उन्हें छत्तीसगढ़ के धान, उसकी विलक्षण जैव विविधता और उत्पादन तकनीक ने काफी आकर्षित किया तथा इसी वजह से उनके संस्थान को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के साथ कृषि अनुसंधान हेतु अनुबंध हेतु प्रेरित किया.
छत्तीसगढ़ के धान ने आकर्षित कियाः प्रो. रोज़िव
प्रो. रोज़िव ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा उद्यमिता विकास तथा जैव प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यो से वे काफी प्रभावित हुए हैं. प्रो. रोज़िव आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित “कृषि में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा एवं अनुसंधान सहयोग” विषय पर आयोजित विचार मंथन संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे. प्रो. रोज़िव एवं उनके सहयोगी वैज्ञानिकों ने आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में उपलब्ध शिक्षण एवं अनुसंधान अधोसंरचनाओं, कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का जायजा लिया.
इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक डॉ. आर.सी. अग्रवाल, सहायक महानिदेश डॉ. सीमा जग्गी, डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ अकोला के पूर्व कुलपति एवं डेनाऊ इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी के वर्तमान संकाय सदस्य डॉ. रवि प्रकाश दानी भी उपस्थित थे. समारोह के दौरान इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा डेनाऊ इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी के मध्य समझौता पत्रों का आदान-प्रदान भी किया गया. समझौते के तहत दोनों संस्थान कृषि, पर्यावरण, जल संरक्षण, सगंध एवं औषधीय पौधों के उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, जैव प्रौद्योगिकी, उद्यमिता विकास तथा विज्ञान के अन्य क्षेत्रों में शिक्षा एवं अनुसंधान का कार्य करेंगे. इससे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के विद्यार्थियों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के नये अवसर प्राप्त होंगे. संगोष्ठी का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल सेल द्वारा किया गया.

संगोष्ठी के मुख्य अतिथि प्रो. रोज़िव ने बताया कि डेनाऊ इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान में 4 संकायों में 14 विभाग एवं 34 पाठ्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं जिसमें 8 हजार विद्यार्थी अध्यनरत हैं. उन्होंने बताया कि उनके संस्थान द्वारा 7 अन्य देशों के साथ शिक्षा एवं अनुसंधान हेतु अनुबंध किये गए हैं. उन्होंने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियां, प्राध्यापकों एवं वैज्ञानिकां को अपने संस्थान में आने का निमंत्रण दिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने प्रो. रोज़िव एवं उनके सहयोगियों का स्वागत किया और आभार व्यक्त किया. उन्होने आशा व्यक्त की इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय एवं उज्बेकिस्तान के डेनाऊ इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी के मध्य कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान हेतु संपादित द्विपक्षीय समझौते से कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान हेतु दोनां विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों को नये अवसर प्राप्त होंगे. समारोह को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक डॉ. आर.सी. अग्रवाल, सहायक महानिदेश डॉ. सीमा जग्गी, डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ अकोला के पूर्व कुलपति एवं डेनाऊ इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी के वर्तमान संकाय सदस्य डॉ. रवि प्रकाश दानी ने भी संबोधित किया. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के इंटरनेशनल सेल के प्रभारी डॉ. हुलास पाठक ने दोनों संस्थानों के मध्य होने वाले समझौते की विस्तृत रूपरेखा रखते हुए इसके तहत संपादित कार्यक्रमों एवं गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी.
गौरतलब है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा डेनाऊ इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान के मध्य शिक्षा तथा अनुसंधान हेतु हुए समझौते के तहत डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान का एक छः सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रवास पर पहुंचा और यहां दोनां संस्थानों के मध्य शिक्षा तथा अनुसंधान के क्षेत्र में किये जाने वाले कार्यों का जायजा लिया. डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान के रेक्टर प्रो. रोजिव के नेतृत्व में आने वाला यह प्रतिनिधि मंडल कृषि विश्वविद्यालय में उपलब्ध अधोसंरचनाओं एवं अनुसंधान सुविधाओं का अवलोकन किया. प्रतिनिधि मंडल ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में सगंध एवं औषधीय पौधों के प्रदर्शन प्रक्षेत्र, कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, अनुसंधान प्रक्षेत्र, टिशू कल्चर लैब, कृषि संग्रहालय, जैव उर्वरक प्रयोगशाला, जैविक नियंत्रण प्रयोगशाला तथा डॉ. आर.एल. रिछारिया जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला का अवलोकन किया. इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में आयोजित एक ब्रेन स्टॉर्मिंग सत्र में दोनों विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों एवं प्राध्यापकगणों ने कृषि, पर्यावरण, जल संरक्षण, सगंध एवं औषधीय पौधों का उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, जैव प्रौद्योगिकी, उद्यमिता विकास तथा विज्ञान के अन्य क्षेत्रों में शिक्षा एवं अनुसंधान की संभावनाओं पर विचार विमर्श किया. उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान के मध्य 17 अप्रैल 2025 को एक समझौता किया गया था जिसके तहत इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर और डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान के विद्यार्थी स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध (च्ीक्) पाठ्यक्रमों के लिए एक दूसरे के संस्थानों में जा सकेंगे. दोनां संस्थानों के प्राध्यापक एवं वैज्ञानिक भी आपसी समन्वय के तहत एक दूसरे के संस्थान में अध्ययन एवं अनुसंधान कर सकेंगे. समझौते पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर की ओर से कुलपति डॉ. चंदेल और डेनाऊ इस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान की तरफ से रेक्टर प्रो. आयेबेक रोज़िव ने हस्ताक्षर किए. समझौते पर आगे बढ़ने के लिए दोनों संस्थानों के वैज्ञानिक एवं अधिकारी एक दूसरे के संस्थानों का दौरा कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, परिवेश तथा अनुसंधान के क्षेत्रों का जायजा लेंगे. उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधि मंडल ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर छत्तीसगढ़ के परिवेश, स्थानीय परिस्थितियों, उपलब्ध सुविधाओं तथा अध्ययन एवं अनुसंधान के क्षेत्रों के बारे में जानकारी प्राप्त की. इनके आधार पर भविष्य की योजनाएं तैयार की जाएंगी कि किन क्षेत्रों में और किन पहलुओं पर मिलकर शोध/अनुसंधान करना है.
संगोष्ठी के दौरान कृषि शिक्षा में किए जा रहे सुधारों, शैक्षिक नवाचार एवं डेनाऊ इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान में उपलब्ध अवसर, अनुसंधान सहयोग की संभावनाएं एवं इनके क्षेत्र जैसे विषयों पर सार्थक संवाद किया गया. परिचर्चा में शिक्षा एवं छात्रों से जुड़े मुद्दो के साथ-साथ अनुसंधान के विभिन्न क्षेत्रों सब्जियों, तिलहन फसलों, रेशेदार फसलों, मछली पालन, फॉरेस्ट्री, कृषि रसायन, पौध संरक्षण, कृषि व्यवसाय एवं उद्यमिता, खाद्य प्रसंसकरण आदि विषयों पर विचार-मंथन किया गया. समझौते के अगले चरण में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अधिकारी एवं वैज्ञानिक डेनाऊ इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी उज्बेकिस्तान का दौरा करेंगे.
संगोष्ठी में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सी.पी. खरे, संचालक अनुसंधान डॉ. वी.के.त्रिपाठी, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टूटेजा, निदेशक शिक्षण डॉ. ए.के. दवे, निदेशक प्रक्षेत्र डॉ. राजेन्द्र लाकपाले, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय रायपुर डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी डॉ. विनय पाण्डेय, अधिष्ठाता खाद्या प्रौद्योगिकी महाविद्यालय डॉ. एस.एस.सेंगर, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा सहित समस्त विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, वैज्ञानिकगण तथा शोध विद्यार्थी उपस्थित थे.
