कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा में विष्णु का सुशासन फेल

दुर्ग- जिले के कार्यालय कलेक्टर (भू-अभिलेख शाखा) जिला दुर्ग के भीतर वर्षों से एक जगह पर जमे राजस्व निरीक्षकों का स्थानांतरण न होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का अर्थ है सीधे जनता के बीच जाकर उनकी वास्तविक स्थिति को समझना और त्वरित समाधान देना. विष्णु के सुशासन में साफ कहा गया है कि किसी भी दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा अब देखने वाली बात है कि कब दोषियों पर कार्रवाई होगी?
जिन कर्मचारियों की पदस्थापना एक ही जगह पर तीन साल या उससे अधिक समय से है, उनको हटाकर दूसरी जगह पर पदस्थ किया जाना चाहिए लेकिन जिले में तो उल्टा ही हो रहा है रिक्त स्थानों पर राजस्व निरीक्षकों की तबादला नहीं किया जा रहा है. कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा / प्रतिवर्तित शाखा द्वारा हफ्ते में तीन दिन के कार्य दिवस में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व में बैठने का आदेश जारी किया था. कार्यालीन समय में सुबह 10 बजे नियमित परिवर्तित/ नजूल राजस्व निरीक्षक किसी भी टेबल पर नही मिलते है. नजूल शाखा में पदस्थ दानेश्वर साहू को (मानचित्र एवं प्रतिलिपि शाखा) का प्रभार दिया गया है. राजस्व निरीक्षक का प्रमोशन होने के बाद भी उसी स्थान पर पदस्थ किया गया.
चहेतों को बचाने का प्रयास
कार्यालय कलेक्टर (भू-अभिलेख शाखा) दुर्ग में वर्तमान पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व दुर्ग अधिकारियों के चहेते राजस्व निरीक्षक का तबादला दूसरी जगह पर न हो, इसके लिए अधिकारी अपने चहेतों को बचाने के प्रयास में लगे हुए हैं. डायवर्सन शाखा में सबसे ज्यादा क्षेत्र रा.नि.म. हल्का एक ही राजस्व निरीक्षक के पास है और लंबे समय तक प्रभार उसी के पास है. दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग विधानसभा, अहिवारा विधानसभा का चार्ज/रा.नि.म/ ग्राम का प्रभार एक ही के पास है. अनुविभागीय अधिकारी, प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख के माध्यम से केवल एक ही राजस्व निरीक्षक को प्रभार दिया गया है. एक राजस्व निरीक्षक को इतना प्रभार क्यों दिया जा रहा है यह भी जांच का विषय है. तबादलों में अगर खानापूर्ति की गई तो सबसे अधिक नुकसान उन राजस्व निरीक्षकों को होगा, जिनका कोई मजबूत पैरोकार नहीं है.
वर्षों से एक ही जगह पर पदस्थ राजस्व निरीक्षकों को हटाना चाहिए, क्योंकि जिले में कई ऐसे राजस्व निरीक्षक हैं जो 5 साल या उससे अधिक समय से एक ही हल्के पर पदस्थ हैं. अंगद के पांव की तरह जमे कुछ राजस्व निरीक्षकों को हटाने में जिला प्रशासन के अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं. क्योंकि राजस्व निरीक्षक ट्रांसफर रोकवाने के लिए जी-जान लगाये हुए हैं. कुछ आरआई स्थानीय नेताओं तक दौड़ लगा रहे हैं ताकि उनका तबादला न हो.
इन जगहों पर है रिक्त
कार्यालय कलेक्टर (भू-अभिलेख शाखा) दुर्ग जिले के अंडा, पाटन, पाटन के जामगांव (एम) में संतोष कुमार राय को अतिरक्त प्रभार, धमधा के दारगांव में अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. भू-अभिलेख शाख में वर्कलोड रिक्त,कृषि सीलिंग रिक्त, नजूल शाखा में रिक्त है. इन स्थानों पर राजस्व निरीक्षकों की आवश्यकता है.दुर्ग के शहरी क्षेत्र में पटवारी रहे राजस्व निरीक्षक में पदोन्नत होने पर शहरी क्षेत्र पदस्थ हो गए पवन चंद्राकर , पोटिया में पटवारी वही राजस्व निरीक्षक ,राहुल साहू कसारीडीह में पटवारी आज परिवर्तित शाखा में राजस्व निरीक्षक, रीना सोनी, बोरसी , तितुरडीह मे पटवारी , रिसाली में परिवर्तित राजस्व निरीक्षक, प्रतिभा दिल्लीवार जुनवानी, कुरूद , सुपेला में पटवारी आज कोहका के परिवर्तित राजस्व निरीक्षक इसी प्रकार से अन्य राजस्व निरीक्षक है.


