साइबर सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, संदिग्धों की पहचान और नशा मुक्ति पर विशेष निर्देश

दुर्ग- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल ने मंगलवार को रेलवे स्टेशन दुर्ग का निरीक्षण किया गया. उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा, जिला बल, रेल पुलिस बल (RPF) एवं GRP के अधिकारीगण मौजूद रहे. निरीक्षण के दौरान स्टेशन की सुरक्षा, तकनीकी निगरानी और साइबर अपराध की रोकथाम को लेकर कई आवश्यक निर्देश जारी किए गए.
निरीक्षण के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं-
स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार से पूर्व AI आधारित फेस रिकग्निशन कैमरा लगाने के निर्देश दिए गए ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान पहले ही हो सके.
स्टेशन के अंदर 36 कैमरे स्थापित हैं, जबकि कुल 48 कैमरों का प्रस्ताव था. SSP विजय अग्रवाल ने शेष कैमरों की स्थापना शीघ्र पूर्ण करने को कहा.
पुराने एवं अव्यवस्थित कैमरों के स्थान पर बुलेट कैमरे लगाए जाएं और लिफ्ट, सीढ़ी व एस्केलेटर जैसे स्थानों पर कैमरों की उचित ऊँचाई व स्टैंड पर सटीक स्थापना की जाए.
प्रकाश व्यवस्था में सुधार के निर्देश देते हुए कहा गया कि कैमरे के पीछे लाइट हो, ताकि रिकॉर्डिंग स्पष्ट दिख सके.
RPF एवं GRP को संयुक्त रूप से टिकट काउंटरों के आसपास घूम रहे संदिग्धों की चेकिंग करने, स्थानीय पुलिस व BDS टीम के सहयोग से मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए.
निरीक्षण के दौरान RPF थाने के लॉकअप में गेट पर जाली लगाने, RPF डेस्क पर पुलिस कंट्रोल रूम का मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने की बात कही गई.
नशा करने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर नशा मुक्ति केंद्र भेजने और जिला पुलिस द्वारा तैयार साइबर जागरूकता जिंगल्स को स्टेशन पर प्रसारित करने के निर्देश भी शामिल थे.
SSP विजय अग्रवाल ने ज़िगज़ैग बेरिकेड्स की सराहना करते हुए कहा कि इस व्यवस्था को जिले में भी अपनाया जाना चाहिए. साथ ही, RPF एवं GRP के लिए समय-समय पर साइबर अपराधों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की भी आवश्यकता बताई, जिससे साइबर हमलों व अपराधों से बचाव किया जा सके.
निरीक्षण के दौरान SSP विजय अग्रवाल ने कहा कि “रेलवे स्टेशन जैसी संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा के सभी आयामों पर सघन कार्य होना आवश्यक है. तकनीक का उपयोग कर हम निगरानी को बेहतर बना सकते हैं.” संबंधित सभी विभागों को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है.
