ओड़िसा से छत्तीसगढ़ लाया जा रहा गांजा

रायगढ़- तमनार पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए ओड़िसा से गांजा ला रहे तीन तस्करों को सलिहाभांठा चौक पर घेराबंदी कर पकड़ा है. कार्रवाई में 37 किलो गांजा, एक सेंट्रो कार, तीन मोबाइल फोन और कुल मिलाकर 6.45 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है. गांजा तस्करों और सप्लायर के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार 3 आरोपियों को रिमांड पर भेजा गया है.
घटना 23 मई की दोपहर की है जब तमनार थाना प्रभारी निरीक्षक आर्शीवाद राहटगांकर को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम धौराभांठा की ओर से सेंट्रो कार में कुछ लोग गांजा भरकर ला रहे हैं. सूचना मिलते ही डीएसपी साइबर सेल अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने सलिहाभांठा चौक पर घेराबंदी की और मुखबिर द्वारा बताई गई कार को रोकने का प्रयास किया. कार सवार तीनों व्यक्ति भागने की कोशिश करने लगे लेकिन पुलिस ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया.
पकड़े गए आरोपियों में श्रीपति चौहान (35), रोहित किसान (28) और विमल यादव (19) शामिल हैं, जो सभी टांगरघाट, थाना तमनार, जिला रायगढ़ के निवासी हैं. कार श्रीपति चौहान के नाम पर पंजीकृत है. पुलिस ने कार और डिक्की की तलाशी लेने पर उसमें रखी दो बोरियों से कुल 37 किलो गांजा बरामद किया, जिसे आरोपी ओड़िसा से लाने की बात कबूल कर चुके हैं.
पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम पर कार्यवाही करते हुए घटना में प्रयुक्त पुरानी सेंट्रो कार (सीजी 13 सी 5581) जिसकी अनुमानित कीमत 2.50 लाख रुपये है, 37 किलो गांजा जिसकी कीमत करीब 3.70 लाख रुपये तथा तीन मोबाइल फोन जिसकी कीमत करीब 25 हजार रुपये है, जब्त किए हैं. कुल मिलाकर पुलिस ने 6.45 लाख रुपये की संपत्ति जप्त की है.
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने ओड़िसा के दो गांजा सप्लायर्स के नाम भी उजागर किए हैं, जिन्हें भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है. पांचों आरोपियों के विरुद्ध थाना तमनार में अपराध क्रमांक 105/25, धारा 20 (बी)(ii)(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार 3 आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया.
इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक आर्शीवाद राहटगांवकर, सहायक उप निरीक्षक सुरुतिलाल सिदार, प्रधान आरक्षक हेम प्रकाश सोन, हेमंत पात्रे, आरक्षक पुरूषोत्तम सिदार और अमरदीप एक्का की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
