पदयात्रियो की सुरक्षा की दृष्टि से यातायात पुलिस दुर्ग के सहयोग से स्वयंसेवकों ने की सराहनीय पहल

भिलाई- इंदिरा गाँधी शास.स्नात.महाविद्यालय, भिलाई (छ.ग) के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार) के सक्रिय स्वयंसेवक योगेश कुमार साहू और उनके टीम ने नवरात्र प्रारंभ होते ही महाविद्यालय प्राचार्य डॉ.अलका मेश्राम एवं रा.से.यो इकाई के कार्यक्रम अधिकारी सुरेश कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन मे बम्लेश्वरी माता के दर्शन हेतु पैदल डोंगरगढ़ जाने वाले हजारों भक्तों (यात्रियों) की सेवा व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नवरात्र के प्रथम दिन से शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर पदयात्रियों के पीठ, बैग, बोतल और उनके कपड़ो मे लगातार रेडियम पट्टी वाला स्टीकर लगाऐ और एक टीम अपने निजी वाहनो से भिलाई से डोंगरगढ़ तक जाकर स्टीकर लगाये, जिससे अब तक 23,000 से अधिक पद यात्रियों को रेडियम स्टीकर लगाए गये.

स्वयंसेवक योगेश साहू ने बताया कि नवरात्रि के दूसरे दिन रात्रि 11 बजे स्वयंसेवकों के पास जब स्वयं के रेडियम स्टीकर खत्म हो गए और खरीदने के लिए पैसे की व्यवस्था नहीं हो पा रहा था, तब यातायात पुलिस, दुर्ग के जवानों ने उनके द्वारा यात्रियों की सुरक्षा के लिए नि:स्वार्थ भाव से किए जा रहे सेवा भाव के कार्य को देखते हुए स्टीकर उपलब्ध कराकर व स्वयं भी सहयोग कर उनके मनोबल को बढाते रहे.
टीम मे कृतेश साहू, उमेश, समीर, संदीप, अभिष, राहुल, राजेंद्र पाल, सुखनंदन, योगेश्वर, कौशल, विजय, सपना मौर्या, प्रभा आदि स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण योगदान रहा.

स्वयंसेवक योगेश यूनिसेफ और जिला प्रशासन, दुर्ग द्वारा संचालित युवोदय दुर्ग कार्यक्रम से जुड़कर के भी दुर्ग कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग अजय शर्मा, यूनिसेफ जिला समन्यवक शशांक शर्मा के नेतृत्व व मार्गदर्शन मे लगातार जिले के विकास हेतु विभिन्न जन जागरूकता अभियानों और कार्यक्रमो मे प्रमुख रूप से सहभागिता प्रदान करते आ रहे हैं.
आखिर क्यों जरूरी है रेडियम स्टीकर लगाना- योगेश
स्वयंसेवक योगेश कुमार साहू ने कहा कि यातायात पुलिस, दुर्ग के द्वारा बनाये गए रूट व सावधानी बरतने व आवश्यक रूप से रेडियम स्टीकर लगाने प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात्रि 1 बजे तक अपील करते रहें, ताकि रात के समय वाहन चालकों को पद यात्री आसानी से दिखाई दे सकें, क्योंकि रेडियम पट्टियों पर रोशनी पड़ने के बाद, वे चमकती हैं इससे रात में गाड़ी चलाने वाले चालकों को सड़क पर मौजूद चीज़ें या व्यक्ति आसानी से दिखाई दे. रेडियम पट्टियों की वजह से सड़कों पर होने वाली बड़ी दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है और भविष्य मे अप्रिय दुर्घटना से बचा जा सकता हैं.
इससे पहले भी स्वयंसेवकों ने अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के भिलाई, कोडिया मे हुए शिवपुराण कथा में श्रद्धालुओं की सेवा हेतु सहायता टेंट मे 5 लाख से अधिक लोगों की सहयोग किये थे, सड़क सुरक्षा माह 2024 व साइबर क्राईम जैसे जन जागरूकता अभियानों मे पुलिस प्रशासन की सहयोग करते आ रहे है, पशुओ को दुर्घटना से बचने हेतु गाय और स्ट्रीट डॉग के गले मे रेडियम स्टीकर लगाए थे.
