शिक्षिका व शिक्षक को निलंबित करने जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा गया पत्र
रायपुर- छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने मंगलवार को 272वीं सुनवाई हुई. छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की. सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में शासकीय विद्यालय में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिका के बीच अवैध संबंध का मामला सामने आया, जिसमें पहली बार दोनों कर्मचारियों ने अवैध संबंध स्वीकार भी किया गया. इसे अपराध मानते हुए दोनों कर्मचारियों को निलंबित करने डीईओ को पत्र भेजा गया.

अनावेदक ने बताया कि वह शासकीय विद्यालय में शिक्षक है. और उसे 62 हजार रू. वेतन प्राप्त होता है. अनावेदक ने स्वीकार किया कि वह 3 वर्षों से अपनी पत्नी व बच्चों से अलग रह रहा हैं और दोनो बच्चों के लिए 8 से 10 हजार रू. खर्च दे रहा हैं. अनावेदक ने यह भी स्वीकार किया कि उसी विद्यालय में पूर्व में कार्यरत् महिला से अनावेदक का अवैध संबंध था. दूसरी महिला व आवेदिका के पति से यह पूछा गया कि शासकीय सेवा में कार्यरत् रहने पर अवैध संबंधों में लिप्त रहने पर शासकीय सेवा से निकाला जा सकता है इस नियम की जानकारी है क्या? उत्तरः हॉ हमें इस बात की जानकारी है और यह शासकीय नियमों के खिलाफ है. अनावेदक की सर्विस बुक में आवेदिका व दोनों बच्चों का नाम दर्ज है लेकिन वह अपने बच्चों को भरण-पोषण नियमित खर्च उठाने में आनाकानी कर रहा है. आवेदिका का प्रकरणसाबित हो चुका है कि लगातार दोनो अनावेदकगण अवैध संबंध में रह रहे है. शासकीय सेवा में रहते हुए अवैध रिश्तों में रहना कानूनी अपराध है. दोनो अनावेदकगणों को सेवा से निकालकर उसकी विस्तृत जांच करने का पत्र भेजा जायेगा व दूसरी महिला को सुधरने का मौका देकर 2 माह के लिए नारी निकेतन भेजे जाने का आदेश आयोग के द्वारा दिया गया.
