कार्रवाई नहीं हुई तो हाईवे पर आंदोलन की चेतावनी दी

राजनांदगांव- ग्राम पंचायत झाडीखेरी के सरपंच द्वारा पंचायत का लाखों रुपए की हेरा-फेरी व गबन करने का आरोप लगाते हुए ग्रामवासियों ने शुक्रवार को बड़ी संख्या में राजनांदगांव प्रेस क्लब पहुंचे. ग्रामवासियों ने प्रेसवार्ता लेते हुए कहा कि ग्राम पंचायत झाडीखेरी के सरपंच के गबन के बारे में जिला पंचायत सीईओ से लेकर एसडीएम तक शिकायत की जा चुकी है इसके बाद भी सरपंच पर कार्रवाई नहीं की जा रही, जबकि जिला पंचायत सीईओ द्वारा इस संबंध में की गई जांच को निष्पक्ष बताया गया है और सरपंच पर कार्रवाई के लिए एसडीएम को आदेश दिए जाने की बात कही गई है. इसके बाद भी एसडीएम द्वारा शासन की राशि का गबन करने वाले सरपंच पर कार्रवाई नहीं किया जा रहा है.
प्रेस वार्ता में ग्राम पंचायत झाडीखेरी के उप सरपंच सुंदरी बाई, ग्रामवासी गोलू साहू, बनतराम इतराम,शेखर साहू,फुलेश कुमार हरकरा, हृदय साहू आदि ने बताया कि उनके ग्राम पंचायत में जो सरपंच है वह कांग्रेसी है. कांग्रेस सरकार के समय मनमाने प्रस्ताव लाकर मनमर्जी काम करवा लिया है और उसका फर्जी बिल बाउचर लगा कर लाखों की राशि आहरण कर लिया है.
प्रेसवार्ता में बताया कि कांग्रेस के शासनकाल में समय उक्त संबंध में काफी आवाज उठाया गया लेकिन सरपंच के कांग्रेस पार्टी का नेता होने के कारण उस समय के प्रशासन ने पूरा मामला दबा दिया. अब जब भाजपा का शासन आया है तो हिम्मत करके ग्रामवासी पुनः उक्त मामले को लेकर पंचायत का लाखों रुपए की हेरा-फेरी व गबन करने वाले सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रशासन के समक्ष आए हैं. लेकिन प्रशासन भी इस मामले में कुछ नहीं कर पा रहा, जिससे उक्त सरपंच के हौसले बुलंद हो गए हैं और कहते फिर रहा है कि एसडीएम से उसकी सेटिंग हो गया है. पैसा देकर सेटिंग करा लिया है. तुम लोग चिल्लाते रहो,,कुछ भी नहीं होने वाला है.
ग्रामवासी गोलू साहू ने बताया कि सरपंच ने अपने निजी खेत जाने के लिए 30 लाख रुपए का एक पुल बनवा लिया है. जिसमें उसके खेत के आसपास के लोग ही उपयोग करते हैं. इस तरह सरपंच ने शासन के पैसे को अपने निजी उपयोग के लिए खर्च किया है. उन्होंन बताया कि सरपंच ने आदिमजाति सोसायटी की नवीन धान खरीदी केन्द्र में फर्जी मस्टर रोल लगाया है. जिसम अपने परिवार के सदस्यों का मजदूरी बिल निकाला गया है. जबकि उसमें गांव के लोगों के जनसहयोग से काम किया गया है. इससे 2 लाख रुपए का मुरुम ढुलाई के लिए बिल लगाया गया है वह पूरी तरह फ़र्जी है. कचरा ढुलाई का ग्राम में कोई काम नहीं हुआ है, इसके बाद भी कचरा ढुलाई के लिए 11 बिल फर्जी तरीके से लगाया है. इस तरह से पंचायत कार्यों के पेटे लाखों रुपए के फर्जी बिल लगा कर सरपंच द्वारा शासन की राशि का गबन किया है.
प्रेस वार्ता में ग्रामीणो ने कहा है कि यदि जिला पंचायत सीईओ वह एसडीएम द्वारा एक सप्ताह के भीतर झाडीखैरी सरपंच के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो समस्त ग्रामवासी सड़क पर आकर आंदोलन करने बाध्य होंगे.
