नया कानून के संबंध में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन

मोहला – कानूनों में एकरूपता लाने, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नये कानून भारतीय न्याय संहिता भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1 जुलाई से लागू हो गया है. इन तीनो कानूनो के प्रति लोगों मे जागरुकता लाने के उद्देश्य से अंबागढ़ चौकी टाउन हॉल सभागार मे एक परिचर्चा का आयोजन किया. कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि सुषमा सावंत जिला एवं सत्र न्यायालय राजनंदगांव, कलेक्टर एस जयवर्धन, पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह जनप्रतिनिधीगण उपस्थित थे.
परिचर्चा को सम्बोधित करते हुए जिला जज सुषमा सावंत ने बताया कि इस कानून के लागू हो जाने से न्याय प्रक्रिया और मजबूत होगी. उन्होने बताया कि इस कानून के लागू हो जाने से लोगों की मानसिकता परिवर्तन होगी और गवाह सामने आयेगे. इस कानून के तहत पुलिस और कोर्ट को समय सीमा का निर्धारण किया गया है. इसके साथ ही पीड़ित पक्ष की सुविधाओं को रखा गया है. इसके अलावा केस का जल्द निराकरण किया जायेगा. जिससे विचाराधीन बंदियो को फायदा मिलने की बात कही.
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह ने बताया कि सभी को न्याय समय पर मिल सके इसी उद्देश्य को लेकर केन्द्र सरकार नये कानून को लागू किया जा रहा है. इस कानून के तहत विडियो ग्राफी सहित नये धाराओ पर बल दिया गया है. और आई पी सी की धाराओ को विलोपित किया गया है. इस कानून का लागू हो जाने से पुलिस विवेच को प्रार्थी पीडितो को फायदा पहुंचेगा. ई-एफआईआर, जीरो-एफआईआर ई-साक्ष्य के संबंध में जानकारी दी गई.
उल्लेखनीय है कि पुराने कानून ब्रिटिश काल से चले आ रहे थे. जिसे प्रासंगिक बनाने के लिए एवं निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का समाधान करने के लिए परिवर्तन किया गया है. इस बदलाव से अपराधियों के खिलाफ एफआईआर करने में दिक्कत नहीं होगी तथा गंभीर अपराधियों को प्रक्रिया का पालन करते हुए कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी.
