फर्जी ऋण पुस्तिका दिखाकर दूसरे के जमीन को अपना बताकर किया सौदा, आरोपी गिरफ्तार

राजनांदगांव- फर्जी ऋण पुस्तिका दिखाकर दूसरे के जमीन को अपना बताकर सौदा तय कर 20.00000 रूपये लेकर धोखाधड़ी करने वाला आरोपी को कोतवाली पुलिस द्वारा किया गया गिरफ्तार. आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया.
प्रार्थी हेमशंकर चंद्राकर पिता रामनारायण चंद्राकर निवासी ग्राम दीवानभेड़ी ने 16फरवरी 24 को थाने में लिखित आवेदन पेश कर रिपोर्ट दर्ज कराया कि घटना दिनांक 02.02.2019 से 08.05.2023 के मध्य आरोपी प्रदीप कुमार घटोडे उर्फ संजय पिता स्व. दामोदर राव घटोडे उम्र 52 वर्ष साकिन स्टेशन पारा गोरेलाल चाल राजनांदगांव हाल निर्मला श्रीवास्तव का मकान नं. 05 पाण्डूरंग काॅलोनी राजनांदगांव द्वारा कौरिनभांठा प.ह.नं. 41 गांधी नगर राजनांदगांव से लगा हुआ जमीन को अपना बताकर फर्जी ऋण पुस्तिका दिखाकर प्रार्थी से 20 बीस लाख रूपये में सौदा तय किया गया. और प्रार्थी से आरोपी ने 13 लाख रूपये आरटीजीएस के माध्यम से दिनांक 02.02.2019 को तथा 6.50.000 रूपये नगद प्राप्त कर 50.000 रूपये को पंजीयन के समय प्राप्त करने का करार किया गया. रजिस्ट्री का समय आने पर आरोपी द्वारा टालमटोल करने लगा, तब यह परेशान होकर अपनी राशि को मांगा गया तो आरोपी आपसी राजीनामा कर राशि वापसी का 03 चेक दिया गया, जो बाउंस हो गया, आरोपी को रकम मांगने पर टाल-मटोल करना बताया. रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ अपराध 115/2024 धारा 420 भादवि. कायम कर विवेचना में लिया गया. अपराध कायमी से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया.
पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के निर्देश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा तथा नगर पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र नायक राजनादगांव के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृृत्व मे थाना कोतवाली से आरोपी घटना दिनांक से फरार था, जिसका लगातार पतासाजी किया जा रहा था, 6 मई 2024 को मुखबीर की सूचना पर आरोपी प्रदीप कुमार घटोडे उर्फ संजय पिता स्व. दामोदर राव घटोडे उम्र 52 वर्ष साकिन स्टेशन पारा पाण्डूरंग काॅलोनी राजनांदगांव को हिरासत में लेकर पूछताछ पर अपराध घटित करना स्वीकार करने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, आरोपी का जेल वारंट प्राप्त होने पर जिला जेल राजनांदगांव में दाखिल किया गया.
उपरोक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक एमन साहू, सउनि. उदय सिंह चंदेल, आरक्षक रंजीत चैरसिया, रूपेन्द्र वर्मा एंव थाना स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही.
