मानसिक तनाव से उबरने शासकीय उच्त्तर माध्यमिक शाला केम्प-1 में हुआ कार्यशाला आयोजित

भिलाई- कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषणा के पूर्व विद्यार्थी प्रायः तनाव में रहते हैं तथा कुछ विद्यार्थी परीक्षा परिणाम के बाद डिप्रेशन में चले जाते हैं. इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शासकीय उच्त्तर माध्यमिक शाला केम्प 01 द्वारा विद्यार्थियों के मानसिक तनाव प्रबंधन के विषय पर 1 मई को कार्यशाला आयोजित की गई.
शाला की प्राचार्य जया तिवारी ने कहा कि संवेदनशील परिस्थितियों में अपने अपने पाल्य की मानसिक स्थिति को समझते हुए उनसे सकारात्मक व्यवहार रखे.

कार्यशाला में छात्रों एवं पालकों को मानसिक तनाव से बचने के लिए प्रोजेक्टर/डिजिटल के माध्यम से समझाया कि तनाव एक आम मानसिक भावना है. जिसे हम अलग अलग परिस्थितियों में महसूस करते है, इसके लक्षणों जैसे चिड़चिड़ापन, ज्यादा क्रोध आना, अचानक घबराहट बढ़ जाना, लगातार सर दर्द होना या थकान महसूस करना, जैसे तमाम मुद्दों पर चर्चा की गयी. मानसिक तनाव के कारण शारीरिक लक्षण में बदलाव आता है. इसी शारीरिक बदलाव के कारण हमारे स्वभाव या व्यवहार में बदलाव आता है. मानसिक लक्षण जैसे याददाश्त, एकाग्रता की समस्या, निर्णय लेने की क्षमता का अभाव, निराशावाद एवं लगातार चिंता करने के कारण भावनात्मक लक्षण अवसाद, व्याकुलता, अकेलापन, गुस्सा या चिड़चिड़ापन उत्पन्न होता है. इन लक्षणों को दूर करने के लिए पालकों को शांति एवं सकारात्मक तरीके से अपने अपने पाल्य की मानसिक दशा को समझने का अनुरोध किया गया.
इस क्रम में राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद् रायपुर एवं छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में दिनांक 29 अपैल की बैठक में प्रसारित मनोरोग विशेषज्ञों की चर्चा के वीडियो क्लिप भी दिखाये गए.उक्त कार्यशाला में 26 पालकों, 22 शिक्षकों और 18 विद्यार्थियों सहित कुल 56 प्रतिभागियों ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की.
कार्यक्रम का संचालन एवं क्रियान्वयन रत्ना साहू एवं सुषमा सिंघल ने किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में शाला के समस्त शिक्षकों का सहयोग रहा.
