नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक पुलिसिंग को मिलेगा बढ़ावा

केसीजी पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल के निर्देशन में ‘‘समर्थ’’ अभियान के अंतर्गत अंग्रेजी के SAMARTH शब्द से लिया गया है. जिसका पर्याय S का अर्थ सुरक्षा , A का अर्थ अधिकार, M का अर्थ महिला सषक्तिकरण, A का अर्थ अनुशासन , R का अर्थ राहत, T का अर्थ ट्रैफिक, H का अर्थ हिम्मत होता है. इस भावार्थ का आशय महिलाओं ,बुजुर्गो को सशक्त करना, बच्चों , युवाओं को नशा से दुर रखना एवं यातायात के नियमो का सही ढंग से पालन करना. इसके साथ ही टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 के तहत कार्यवाही का जागरूकता के विषय में जागरूक करना. इस विषय का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस अभियान के अंतर्गत युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण अभियान के तहत शिक्षित बेरोजगार युवा वर्ग जो देश सेवा पुलिस, आर्मी इत्यादि में जाना चाहते है उनको निशुल्क शारिरिक, लिखित परीक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल ने कहा अनुशासन पुलिस विभाग की रीड की हड्डी होती है और इसे हर हाल में बनाए रखना है बताया गया और अनुशासन के महत्व को समझाया. अति. पुलिस अधीक्षक नेहा पाण्डेय ने कहा समर्थ अभियान सामुदायिक पुलिसिंग का काम्बो है. जो अच्छा वातावरण निर्माण करने में मदद करेगा चाहे नक्सल उन्मुलन हो या सायबर संबंधित अपराध सभी क्षेत्र में इस अभियान से लोगों को फायदा मिलेगा व जागरूक किया जायेगा एवं किसी भी प्रकार की समस्या हो तो केसीजी पुलिस कन्ट्रोल रूम का नम्बर 9479247401 पर सम्पर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है.
इस कार्यक्रम में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी खैरागढ़ लालचंद मोहले ने सभा को संबोधित करते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है. इस दौरान थाना प्रभारी खैरागढ़ प्रशिक्षण उप पुलिस अधीक्षक सुश्री प्रतिभा लहरे, रक्षित निरीक्षक के देव राजू, व यातायात प्रभारी शक्ति सिंह व नागरिक गण व पुलिस के अधिकारी जवान उपस्थित रहें.
