राजनांदगांव- सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर कायस्थ समाज द्वारा सुभाष द्वार में उनकी प्रतिमा के पास कार्यक्रम आयोजित किया गया. अतिथियो ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विशाल आदमकद मूर्ति पर माल्यापर्ण कर पुष्पांजली अर्पित की. कार्यक्रम में महापौर हेमा सुदेश देशमुख मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थी तथा पूर्व महापौर सुदेश देशमुख, प्रभारी सदस्य गणेश पवार, पूर्व निगम अध्यक्ष व पार्षद शिव वर्मा, वार्ड पार्षद शरद सिन्हा,पत्र लेखन मंच के अध्यक्ष डी.सी जैन, पूर्व लोकपाल अमुलेदु हाजरा, गुजराती शिक्षण संस्था के गिरिश ठक्कर, विशेष रूप से उपस्थित थे.

महापौर हेमा देशमुख ने सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती की बधाई देते हुये कहा कि देश की आजादी में सुभाष चंद्र बोस के योगदान को कभी नहीं भूलाया जा सकता. उन्होंने तुुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूगां, का नारा दिया था. उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. वह भारतीय राष्ट्रीय सेना (आजाद हिंद फौज) के प्रमुख थे. इसके साथ ही आजाद हिंद सरकार के संस्थापक प्रमुख थे. उन्होंने कहा कि हर युवा को उनके आदर्शों पर चलकर देश हित में काम करना चाहिये.
अमलेन्दू हाजरा ने बधाई देते हुये कहा कि सुभाष बाबू हमारे बीच सदैव अमर रहेगे. उनके त्याग बिलदान के लिये हम सभी ऋणी रहेगे. उनके विचार थे कि सफलता हमेशा असफलता के स्तम्भ पर खड़ी होती है. राष्ट्र के महाानायक सदैव हमारे लिये पूज्यनिय रहेगे.
पूर्व महापौर सुदेश देशमुख सहित डी.सी.जैन, शिव वर्मा एंव हिमांशु यशमिक, गिरिश ठक्कर ने भी जयंती पर अपनी शुभकामनांए दी तथा कामस्त समाज के अध्यक्ष देवेन्द्र मोहन देबू लाल द्वारा जयंती की बधाई देते हुये, कायस्थ समाज के लिये गर्व का विषय बताया. कार्यक्रम के अंत में आगन्तुको के प्रति नागेश श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त किया.
इस अवसर पर हरजीत सिंह भाटिया, कुंजलाल सिन्हा, अशोक यादव, ऋषि श्रीवास्तव, सुनील श्रीवास्तव, रमेश श्रीवास्तव, कमलेश श्रीवास्तव एवं वार्डवासी सहित गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे.
