विभिन्न मांगों को लेकर ऐपवा और आदिवासी मातृ शक्ति संगठन ने छत्तीसगढ़ सरकार के नाम पर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
दुर्ग- अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) भिलाई तथा आदिवासी मातृ शक्ति संगठन ने विभिन्न मांगो को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार के नाम दुर्ग कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है. प्रतिनिधि मंडल में चन्द्र कला तारम, अश्लेष मरावी, लोकेश्वरी ध्रुव, ह्यूमन राइट्स सदस्य सीमा साहू, भाकपा (माले) लिबरेशन से बृजेन्द्र तिवारी तथा भिलाई नगर कांग्रेस विधायक प्रतिनिधि राजेन्द्र परगनिहा शामिल थे.
ज्ञापन में कहा गया है कि विकसित भारत के झुनझुना के बीच आज महिलाओं को रसोई गैस तक खरीदना मुश्किल है. शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार नहीं मिल रहा है. महिलाओं पर अत्याचार-बलात्कार जारी है और कई ऐसे अपराधी ऊंचे पदों पर आज भी आसीन हैं.
समाज की आधी आबादी को आज भी गुलाम और कमजोर समझ कर उसके सम्मान और बराबरी के अधिकार को दबाने की कोशिश हो रही है. लेकिन, हम महिलाएं सावित्रीबाई फुले-फातिमा शेख व वीरांगना रानी दुर्गावती के जमाने से लेकर आज तक अपने अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष के जरिए ही आगे बढ़ी हैं. आज जब 26 जनवरी 2024 को हम देश का 75वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं. तब इस प्रदर्शन के जरिए हम महिलाएं मांग करती हैं –
इन मांगो को लेकर सौंपा ज्ञापन-
1.महिला आरक्षण कानून को (पिछड़ी, दलित- आदिवासी और अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण के साथ) 2024 के चुनाव में लागू किया जाए.
- महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़क भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को तत्काल गिरफ्तार किया जाए.
- बीएचयू की छात्रा के बलात्कारी भाजपा आईटी सेल के कुणाल पांडे समेत सभी बलात्कारियों को सजा की गारंटी की जाए.
- फुलवारी शरीफ की दो नाबालिग बच्चियों के बलात्कारी-हत्यारों को गिरफ्तार किया जाए.
- रसोई गैस की कीमत 500 रुपये फिक्स हो
- परास्नातक (पीजी) तक लड़कियों की शिक्षा मुफ्त किया जाए
- वृद्धा, विधवा, विकलांग पेंशन न्यूनतम 3000 रूपये दिया जाए.
- सभी पंचायतों में स्वास्थ्य केंद्र बने और स्वास्थ्य सुविधाओं का निजीकरण बंद हो.
- मनरेगा में 200 दिन काम 600 रुपये मजदूरी की गारंटी हो.
- शहरी महिलाओं के लिए रोजगार योजना लागू किया जाए.
- स्वयं सहायता समूह की सभी महिलाओं को रोजगार की गारंटी हो.
- रसोईया, आशा समेत सभी स्कीम वर्कर्स को न्यूनतम 10000 रुपये मानदेय दिया जाए.
- महाजनी प्रथा पर रोक लगे, माइक्रोफाइनेंस संस्थानों को नियंत्रित किया जाए.
- दहेज प्रथा और महिलाओं पर हिंसा पर रोकने की मुकम्मल व्यवस्था हो.
- 15.हसदेव अरण्य क्षेत्र के जंगलों की कटाई पर रोक लगाई जाय और आदिवासियों के अधिकारों को सुनिश्चित किया जाय.
