भिलाई इस्पात संयंत्र के महाप्रबंधक औद्योगिक संबंध व ठेका प्रकोष्ठ जेएन ठाकुर से स्टील ठेका श्रमिक यूनियन इंटक, भिलाई के प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की. उन्होंने बीएसपी के 25,000 ठेका श्रमिकों के वेतन व सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के लिए चर्चा की. यूनियन ने बीएसपी के हर ठेका श्रमिकों को 21 हजार रुपए न्यूनतम वेतन देने की मांग की है.
बीएसपी के उत्पादन में अधिकांश कार्य ठेका श्रमिकों से करवाया जा रहा है, लेकिन 84 माह बीतने के बाद भी ठेका श्रमिकों का वेतन समझौता नहीं हुआ है. वेतन समझौते में 21000 रुपए न्यूनतम वेतन होना चाहिए व न्यूनतम वेतन में एडब्ल्यूए को जोड़ा जाए.
ठेका श्रमिकों को नहीं मिल रहा एडब्ल्यूए
संयंत्र के स्थाई प्रवृत्ति के कार्यों को ठेका श्रमिकों से चारों शिफ्ट में कराया जा रहा है, लेकिन उन्हें रात्रि भत्ता व आवास भत्ता, कैंटीन भत्ता व साइकिल भत्ता, भी नहीं दिया जाता, ना ही सोशल सिक्योरिटी के नाम से कुछ सुविधाएं दी जाती है. ठेका श्रमिकों को वर्तमान में न्यूनतम वेतन के साथ-साथ एडब्ल्यूए की राशि भी मिलनी चाहिए. ठेका में एडब्ल्यूए की राशि जुड़ी होने के बाद भी, अधिकांश ठेकेदार ठेका श्रमिकों को एडब्ल्यूए 2300 रुपए प्रतिमाह नहीं देते. एचएसएलटी ठेका श्रमिकों का केवाईसी भी जल्द से जल्द किया जाए.
मरोदा व जोरातराई गेट का किया जाए विस्तारीकरण
बीएसपी में ज्यादातर ठेका श्रमिक चारों शिफ्ट में मरोदा गेट, जोरा तराई गेट व 17 नंबर गेट से आते हैं, लेकिन शिफ्ट से जाते व आते समय काफी भीड़ हो जाती है. मरोदा गेट में रात की पाली में गेट खोलने से भीड़ काफी हो जाती है, इसलिए सभी गेटों का विस्तारीकरण किया जाए. ठेका श्रमिकों के 10 लाख का दुर्घटना बीमा करने मांग की गई.
जल्द होगा 10 लाख का दुर्घटना बीमा
बीएसपी के महाप्रबंधक ने बताया कि 10 लाख का दुर्घटना बीमा जल्द हो जाएगा, प्रक्रिया करीब पूरी हो चुकी है. मरोदा व जोरातराई गेट का सर्वे करवा कर, सुधार किया जाएगा. इंटक की मांग पर ठेका पद्धति में भी सुधार किया जा रहा है. ठेका श्रमिकों को उनका पूरा हक मिल सके व ठेका श्रमिकों को सभी गेट में आने जाने के सुविधा के लिए उच्च स्तर पर विचार किया जा रहा है. ठेका श्रमिकों का वेतन समझौता व अन्य विषय 20 जनवरी के एनजेसीएस की बैठक में हल होने की संभावना है.
