राहुल गौतम, राजनांदगांव- कौमी एकता समिति के मिर्जा बेग ने आज प्रेस क्लब भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में संजीवनी हॉस्पिटल चीखली के अतिक्रमण का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा अतिक्रमण की जगह को पार्किंग के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. इसे नहीं हटाने पर एसडीएम और आयुक्त के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की बात कही है. उन्होंने इस अतिक्रमण पर पिछली कांग्रेस सरकार का संरक्षण होने का आरोप लगाया है.
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मिर्जा हबीब ने आगे कहा कि गरीबों के अवैध निर्माण को तोड़ा जा रहा है, लेकिन अमीरों के अवैध निर्माण को कब तोड़ा जायेगा. जबकि अवैध निर्माण में जांच पूरा होने के बाद भी कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति किया जा रहा है. संजीवनी नर्सिंग होम चिखली पुलिस चौकी के सामने स्थित है. संजीवनी अस्पताल के द्वारा सरकारी जमीन में सड़क के ऊपर अवैध निर्माण किया गया है, ट्रांसफार्मर भी लगवाया गया है, अवैध निर्माण का इस्तेमाल पार्किंग के रूप में किया जा रहा है, क्योंकि संजीवनी अस्पताल के पास पार्किंग व्यवस्था नहीं है. भवन अनुज्ञा निर्माण नक़्शे में पार्किंग का जगह दिखाया गया है लेकिन पार्किंग की जगह में निर्माण कार्य करके मेडिकल स्टोर एवं ओपीडी खोल दिया गया है.
विगत 2 वर्ष पहले नगर निगम में आवेदन देने के बाद नगर निगम द्वारा जांच कराया गया जिसमे पाया गया कि पार्किंग स्थल में निर्माण कार्य किया गया है. भवन अनुज्ञा में साफ़ दर्शाया गया है कि पार्किंग स्थल में कोई भी निर्माण नहीं किया जा सकता यदि ऐसा किया जाता है तो उस कामर्सियल भवन को अवैध माना जायेगा फिर किस आधार पर अवैध भवन पर अस्पताल चलाया जा रहा है आस्था मल्टी स्पेस्लिस्ट अस्पताल के नाम पर जो भवन अनुज्ञा प्रमाण पत्र लिया गया है इसका कोई भी दस्तावेज नगर निगम में आज तक जमा नहीं है इसका मतलब भवन अनुज्ञा फर्जी आधार पर लिया गया है. प्रदेश शासन के नियमितीकरण नियम के तहत आवेदन लगाया गया लेकिन निगम द्वारा साफ़ कर दिया गया कि संजीवनी नर्सिंग होम के पार्किंग के अवैध निर्माण का नियमितीकरण नहीं हो सकता फिर आज दिनांक तक कार्यवाही क्यों नहीं किया गया.
दो वर्ष पहले तहसीलदार के समक्ष आवेदन देने पर मौका निरिक्षण और जांच कराया गया जिसमे पाया गया कि अवैध निर्माण किया गया तहसीलदार लीगल पेशी संजीवनी नर्सिंग होम के जवाब के पशचात अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश दिया गया उसके बाद अपील में एसडीएम राजनांदगांव ने तहसीलदार के आदेश को पलट दिया जो कि न्यायसंगत नहीं था जबकि तहसीलदार राजनांदगांव ने नियम कानून का पालन करते हुए अवैध कब्ज़ा तोड़ने का आदेश दिया था एसडीएम राजनांदगांव को लगता है कि संजीवनी नर्सिंग होम ने सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण नहीं किया है तो उस सरकारी जमीन को निजी जमीन घोषित कर दिया जाये सरकारी रिकार्ड में दुरुस्त करा दिया जाये. आज दिनांक तक अवैध निर्माण को नहीं तोड़ा गया है और न ही अवैध पार्किंग में जो अवैध निर्माण किया गया उसको भी नहीं तोड़ा गया मतलब साफ़ है शासन प्रशासन नियम कायदा अमीरों के साथ है गरीबों के साथ नहीं है.
