धमधा : धमधा से 5 कि.मी. की दूरी पर शिवनाथ नदी किनारे स्थित प्राचीन चतुर्भुजी मंदिर में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कार्तिक पूर्णिमा के शुभ अवसर पर 27 नवंबर को सुबह 3 बजे से मेला का आयोजन किया गया है. यह सोलह खण्ड से निर्मित मंदिर है जिसमें भगवान विष्णु के सम्पूर्ण बारह अवतार का वर्णन है. पूर्णिमा के दिन नदी में स्नान कर पूजा-अर्चना करने एवं सत्यनारायण पूजा हवन करवाने से समस्त मनोकामना पूर्ण होती है.

बूढ़ेश्वर शिव मंदिर एवं चतुर्मुखी विष्णु मंदिर दुर्ग जिले का एक प्रमुख मंदिर है. यह पूरा मंदिर पत्थरों से बना हुआ है. यहां पर चतुर्मुखी विष्णु मंदिर के साथ ही शिव जी का मंदिर भी देखने को मिलता है. यहां पर गर्भ ग्रह और मंडप देखने के लिए मिलता है. गर्भ गृह में शिव भगवान जी की बहुत ही सुंदर शिवलिंग विराजमान है और नंदी भगवान भी विराजमान है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा आजादी के पहले प्रकाशित ऐतिहासिक पुस्तक के अनुसार धमधा के राजा दशवंत सिंह की रानी मां ने 14वीं-15वीं सदी में तितुरघाट में भगवान विष्णु के मंदिर का निर्माण कराया था.
