छत्तीसगढ़ में कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी मतलब आज देवउठनी का पर्व मनाया जा रहा है. कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की एकादशी को श्रीहरि चतुर्मास की निद्रा से जागेंगे. इसीलिए इस एकादशी को देवउठनी एकादशी भी कहते हैं. इस दिन से ही हिन्दू धर्म में शुभ कार्य जैसे, विवाह आदि शुरू हो जाएंगे. देवउठनी एकादशी के दिन ही भगवान विष्णु के स्वरूप शालीग्राम का देवी तुलसी से विवाह होने की परंपरा भी है. यह एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित रहता है. पूरे विधि विधान से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. बताया जाता है कि एकादशी व्रत से विष्णु की विशेष कृपा और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. आज के दिन भगवान विष्णु चार महीने का शयन काल पूरा करने के बाद जागते हैं.

जानें देवउठनी एकादशी व्रत पूजा मुहूर्त
कार्तिक शुक्ल एकादशी 23 नवंबर 2023 को रात 09.01 पर समाप्त होगी.
देवउठनी एकादशी पर पूजा का मुहूर्त सुबह 06.50 से सुबह 08.09 तक है. वहीं इस दिन शाम को शालीग्राम जी की पूजा और देव उठाना उत्तम माना गया है. ऐसे में इस दिन शाम को 05.25 से रात 08.46 तक शुभ मुहूर्त है.
