दिवाली के दिन उत्तरकाशी की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में फंसे 41 श्रमिकों को अभी तक बाहर नहीं निकाला जा सका है. रेस्क्यू का आज नौवां दिन है. बैकअप प्लान के तहत सुरंग के ऊपर से ड्रिलिंग के लिए अस्थायी सड़क का काम अंतिम चरण में है

दो से तीन दिन में पूरी हो सकेगी ड्रिल
सुरंग के ऊपर ड्रिलिंग के लिए जगह चुन ली गई है.1.2 मीटर डायमीटर की ड्रिल होगी. जिसका सेटअप अगले 24 घंटे में होने की संभावना है. अब दो से तीन दिन में ड्रिल पूरी हो सकेगी.
टनल के ऊपर 320 मीटर दूरी पर ड्रिल के लिए चुना स्थान
इंटरनेशनल टनलिंग और अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रोफेसर अर्नोल्ड डिक्स टनल के ऊपर से ड्रिल के लिए निरीक्षण करने पहुंचे. उन्होंने कहा कि काफी तेजी से काम चल रहा है. टनल के भीतर की कंडीशन ठीक है. टनल के ऊपर 320 मीटर दूरी पर टीम ने ड्रिल के लिए स्थान चुना है. यहां से 89 मीटर गहराई तक ड्रिल होगी.
पांचवें पाइप को बढ़ाया जा रहा है आगे
सिलक्यारा टनल में ड्रिलिंग का काम दोबारा चल रहा है. पांचवें पाइप को आगे बढ़ाया जा रहा है. इस तरह 30 मीटर तक ड्रिल हो जाएगी. टनल के ऊपर सड़क बनाने का काम जारी है. सुरंग के ऊपर ड्रिलिंग के लिए 1200 मीटर अस्थाई सड़क बनाई जानी है. कल रविवार शाम तक 900 मीटर सड़क बना ली गई थी. अवशेष कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग व बीआरओ के श्रमिक रवाना हो गए हैं.
सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी है. इस ऑपरेशन के तहत पांच प्लान पर कार्य करने के लिए केंद्र व राज्य सरकार के उच्चाधिकारी सिलक्यारा में ही डेरा डाले हुए हैं. इन तमाम उच्चाधिकारियों ने विशेषज्ञों के साथ सुरंग के भीतर से लेकर इसके ऊपर की पहाड़ी तक दिनभर अनेक बार निरीक्षण कर ड्रिलिंग मशीनों के लिए प्लेटफार्म तैयार करने की कार्रवाई का जायजा लिया. साथ ही संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए. बता दें कि इस अभियान को लेकर उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव डाॅ. रंजीत सिन्हा, पीएमओ उप सचिव मंगेश घिल्डियाल, प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार एवं उत्तराखंड सरकार के विशेष कार्याधिकारी भास्कर खुल्बे, उत्तरकाशी डीएम अभिषेक रूहेला सिलक्यारा में डेरा डाले हुए हैं.
