धनतेरस के साथ ही आज शुक्रवार से पांच दिवसीय दीपावली उत्सव शुरू हो जाएगा. धनतेरस पर शाम को दो घंटे पूजा का मुहूर्त रहेगा. कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा. इस दिन धन के देवता कुबेरजी और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है.

मान्यता है कि धनतेरस पर खरीदी गई वस्तुओं में 13 गुना वृद्धि होती है. धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदने का विशेष महत्व होता है. वहीं, बाजारों में सोने-चांदी के आभूषणों की बुकिंग के साथ ही माता की मूर्ति खरीदने के लिए भीड़ लगी रही.
पंडित राकेश शुक्ला ने बताया कि धनतेरस को सुबह सात से 12 बजे तक अभिजीत मुहूर्त विशेष शुभकारी है. दूसरा दोपहर 1:30 से तीन बजे के मध्य है, इस समय में शुभ की चौघड़िया व कुंभ लग्न विद्यमान है.
तीसरा शाम छह बजे से रात नौ बजे के बीच शुभ और अमृत की चौघड़िया व वृष लग्न विद्यमान होगा. यह तीनों समय अवधि खरीदारी के लिए विशेष शुभ होगी.
वहीं, आचार्य सुशांत राज ने बताया कि त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ शुक्रवार को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से शुरू होकर शनिवार को दोपहर में 1 बजकर 57 मिनट तक रहेगी. धनतेरस पर पूजा का मुहूर्त शाम 5:47 से शुरू होकर शाम 7:47 बजे तक रहेगा.
सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त शुक्रवार दोपहर 12:35 बजे से शनिवार शाम 6:40 तक रहेगा. बताया कि धनतेरस पर प्रदोष काल शाम 5:30 मिनट से शुरू होकर रात 8:08 मिनट तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर सोना, पीतल के बर्तन आदि खरीदारी करने से माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
