बिलासपुर : शहर के आरबी हॉस्पिटल में मरीजों की जान से खिलवाड़ का मामला सामने आया है. वहां 11 दिन से पैथोलॉजिस्ट ड्यूटी पर नहीं आ रही थी और उनका ब्लड टेस्ट रिपोर्ट डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर जारी किया जा रहा था. स्वास्थ्य विभाग ने हॉस्पिटल का लैब सील कर अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है.

रिंग रोड स्थित आरबी हॉस्पिटल को लेकर सीएमएचओ को शिकायत मिली थी. उन्होंने नर्सिंग होम एक्ट के प्रभारी डॉ. अनिल श्रीवास्तव के साथ एक टीम को यहां जांच के लिए भेजा. टीम ने जांच के दौरान पाया कि यहां रोजाना मरीजों के खून, पेशाब आदि की जांच रिपोर्ट जारी की जा रही थी. रिपोर्ट में हॉस्पिटल की पैथोलॉजिस्ट डॉ. मीरा गोयल का डिजिटल हस्ताक्षर दर्शाया जा रहा था.
हॉस्पिटल प्रबंधन ने पाया कि डॉ. गोयल कई दिनों से छुट्टी पर हैं. इधर हॉस्पिटल प्रबंधन दावा करता रहा कि वह रोजाना आकर रिपोर्ट में हस्ताक्षर कर रही थीं. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का सीसीटीवी फुटेज खंगाला. इससे पता चला कि डॉ. गोयल 8 अक्टूबर के बाद हॉस्पिटल नहीं आई है. हॉस्पिटल के कर्मचारी अशोक पांडेय, सुनील देवांगन और आशीष निर्मलकर मिलकर रिपोर्ट बना रहे हैं और कम्प्यूटर से डॉक्टर का डिजिटल हस्ताक्षर रिपोर्ट में शामिल किया जा रहा है.
इस फर्जीवाड़े के पकड़ में आने के बाद डॉक्टरों ने पेथौलॉजी लैब को सील कर दिया है और अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा है. जांच में यह भी पता चला कि लैब में काम करने वाले तीनों कर्मचारियों का पैरामेडिकल कौंसिल में पंजीयन भी नहीं है. इस पर भी अस्पताल से जवाब-तलब किया गया है.
