दुर्ग जिले में एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारीयों एवं अधिकारी छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य फेडरेशन द्वारा अपनी लंबित मांगो को लेकर 21 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने वाले है. इस आंदोलन में सुमन शर्मा प्रांतीय अध्यक्ष, सविता सिंह प्रांतीय संयुक्त सचिव, श्वेता राजपूत जिला अध्यक्ष, कीर्ति कश्यप प्रांतीय कोषाध्यक्ष, पुष्प लता उईके प्रांतीय सलाहकार, जयश्री करात कार्यकारिणी सदस्य की बैठक मे यह निर्णय लिया गया है. छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य फेडरेशन के अनुसार अनुपूरक बजट मे भी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारीयों एवं अधिकारियों कि उपेक्षा कर रही है.

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य फेडरेशन की मांगे-
- वेतनविंसगति- स्वास्थ्य विभाग मे कार्यरत ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (एएनएम / एमपीडब्ल्यू) एवं स्टाफ नर्स कि वेतनविसंगति विभाग द्वारा प्रस्तावित वेतनमान अनुरूप दूर किया जावे, एवं चिकित्सकों के वेतनमान / वेतन / स्टाइपेंड संबंधी की मांग.
- कोविड इसेंटीक- माननीय मुख्यमंत्री जी के घोषणा अनुरूप कोरोना काल मे सेवा देने वाले चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष कोरोना मत्ता का भूगतान करने की मांग.
- अतिरिक्त कार्य / अवकाश दिवस का भूगतान- स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी (24 +7) शनिवार एवं रविवार (वार्षिक 104 दिवस अतिरिक्त कार्य ) एवं राष्ट्रीय एवं स्थानीय अवकाश के दिन भी अपनी सेवा देते हैं जबकि अन्य विभाग में शनिवार रविवार के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं स्थानीय अवकाश भी प्राप्त होते है। इस तरह अन्य विभाग कि तुलना मे स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकीय अमला वर्ष मे लगभग 132 दिवस (लगभग साढ़े चार गाठ) अधिक कार्य करते है। अतः अवकाश में लिए जाने वाले कार्य का प्रतिमाह वेतन के साथ अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि के रूप मे भूगतान करने की मांग.
- आईपीएचएस सेटअप कि स्वीकृति एवं भर्ती- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मे विगत कुछ वर्षों मे मरीजो कि संख्या राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं योजनाओं एवं स्वास्थ्य सुविधाओं मे वृद्धि हुई है। लेकिन हेल्थ सेटअप रिवाईज नहीं किया गया है जिसके कारण स्वास्थ्य कर्मचारीयों एवं अधिकारीयों पर कार्य का अतिरिक्त बोझ है, एवं गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही है। अतः आईपीएचएस अनुसार सेटअप रिवाईज किया जाए एवं रिक्त पदों पर एनएचएम के संविदा कर्मचारीयों को समायोजित किया जाए. तत्पश्चात रिक्त पदों पर भर्ती करने की मांग.
- हिंसात्मक गतिविधियां- स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकीय कार्य मे लगे अमलों पर लगातार हिंसा कि घटनाओं में वृद्धि से कर्मचारीयों एवं अधिकारीयों मे मय का माहौल व्याप्त है, जिसके कारण प्रदेश के चिकित्सकीय अमले कि जान-माल के नूकसान को भी नजरअंदाज नही किया जा सकता। ऐसे में चिकित्सकीय अमलों पर हुए हिंसात्मक घटनाओं कि सूची तैयार कर आरोपी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही के निर्देश समस्त पुलिस अधीक्षकों को प्रसारित किया जाये एवं बढ़ती हिंसा पर लगाम लगाने तथा कार्यवाही करने की मांग.
(अ) संस्थागत एफआईआर किसी भी संस्था मे हिंसात्मक घटना होने पर कार्यालय प्रमुख द्वारा तत्काल संस्थागत एफआईआर कराया जाये। (ब) गृह विभाग द्वारा गाईडलाईन जारी गृह विभाग द्वारा आरोपी कि मेटिकल प्रोटेक्शन एक्ट एवं हिंसात्मक घटनाओं के विरूद्ध समस्त धाराओं के वहत 24 घंटे में गिरफ्तारी के लिए आदेश प्रसारित किया जावे। (स) पीड़ित अधिकारी या कर्मचारी को अवकाश कि पात्रता हो। (ड) समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं मे गार्ड कि नियुक्ति आदि मांगो पर हैल्थ फेडरेशन द्वारा चरणबद्ध आंदोलन के तहत दिनांक 21 अगस्त से अनिश्चितकालीन आंदोलन करने जा रहे है.
