हरियाणा के नूंह में 31 जुलाई को मेवात में एक धार्मिक यात्रा निकालने के दौरान दो पक्षों के बीच शुरू हुई हिंसा ने अब उग्र रूप ले लिया है, जो हरियाणा सरकार के तमाम कोशिशों के बावजूद थमने का नाम नहीं ले रहा है. हिंसा के कारण अब तक कई लोगों की जाने जा चुकी है और हिंसा का दौर अब भी जारी है. अब तक घटना में 6 लोगों की मौत हो गयी है, जिसमें 2 होमगार्ड के जवान और 4 आम नागरिक शामिल हैं. वहीं इस घटना के बाद से अब तक 41 एफआईआर दर्ज की गई है. वहीं नूंह में 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

मिली जानकारी के अनुसार हिंसा के बाद से हरियाणा के 4 जिलों में 5 अगस्त तक इंटरनेट बंद कर दिये गए हैं. हरियाणा सरकार ने राज्य के लोगों के हित को देखते हुए और शांति स्थापित करने के लिए नूंह, फरीदाबाद, पलवल के अलावा गुरुग्राम जिला के उपमंडल सोहना, पटौदी, मानेसर उपमंडल में 5 अगस्त तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी है.
इंटरनेट बंद करने के आदेश में कहा गया गई कि हरियाणा के नूंह, फरीदाबाद, पलवल जिला के अलावा गुरुग्राम जिला के उपायुक्त से बातचीत और समीक्षा के दौरान ध्यान में लाया गया है कि फिलहाल वहां तनाव की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में उनकी सलाह को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि इंटरनेट सेवाओं को 5 अगस्त की रात 12 बजे तक बंद करने के आदेश दिए हैं.
सिर्फ वॉयस कॉल चालू रहेंगी
भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 की धारा 5 के आधार पर प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, दूरसंचार सेवाओं के अस्थायी निलंबन (सार्वजनिक आपातकाल या सार्वजनिक सुरक्षा) नियम, 2017 के नियम (2) के तहत हरियाणा के सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है. ताकि असामाजिक तत्व भड़काऊ सामग्री और झूठी अफवाहों को फैलाकर इंटरनेट सेवाओं का दुरुपयोग न कर सकें.
व्हाट्सएप, फेसबुक ट्विटर जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से गलत सूचना और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है. मोबाइल इंटरनेट सेवाओं (2जी/3जी/4जी/5जी/सीडीएमए/जीपीआरएस), सभी एसएमएस सेवाओं (केवल थोक एसआरवीएमएस और बैंकिंग और मोबाइल रिचार्ज को छोड़कर) और सभी डोंगल सेवाओं आदि को निलंबित करने का आदेश दिया गया है. केवल वॉयस कॉल चालू रहेंगी. अगर कोई उक्त आदेशों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
भड़काऊ भाषण देने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार मृतक होमगार्ड के जवानों के परिजनों को नीति के तहत 57-57 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा. वहीं भड़काऊ भाषण देने वालों के खिलाफ कार्यवाही होगी. इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भ्रमित प्रचार करने वाले लोगों का डाटा एकत्रित किया जा रहा है. ऐसा करने वालों पर साइबर कानून के अनुसार कार्यवाही की जाएगी.
उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों के रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है और घटना स्थल का डम्प डाटा उठाया जा रहा है और टेक्निकल लिंक स्थापित किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों के रिकॉर्ड की सहायता से 116 लोगों को पकड़ा गया है और 90 लोगों को नामजद किया गया है. उनसे पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री की जनता से अपील, अफवाहों से रहे सावधान
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जनता से अपील करते हुए लोगों को अफवाहों से सावधान रहने के लिए कहा है. वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि मोनू मानेसर राजस्थान पुलिस द्वारा एक मामले में वांछित है. राजस्थान पुलिस उस पर कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र है. नूंह में एक आईआरबी बटालियन पूर्ण रूप से स्थापित की जाएगी. 20 केन्द्र की पैरामिलिट्री फोर्स हैं, जिनमें से 14 नूंह, 3 पलवल, 2 फरीदाबाद और 1 गुरुग्राम में तैनात की गई हैं.
इसके अलावा, केंद्र से पैरामिलिट्री फोर्स की 3 अतिरिक्त कंपनी मांगी गई है. उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए एहतियात के तौर पर नूह में आईआरबी की एक बटालियन स्थायी रूप से तैनात की जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना से तुरंत निपटा जा सके. इस बटालियन में लगभग 1000 जवान होंगे. इसके अलावा, पुलिस इनफोर्समेंट ब्यूरो का दायरा बढ़ाते हुए इसे नूंह में गौ-रक्षा की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है, जिसके लिए 100 जवान विशेष रूप से लगाए जाएंगे.
