रायपुर : राजधानी के बूढ़ातालाब के किनारे फुटपाथ धसकने के मामले में स्मार्ट सिटी के प्रबंधक संचालक ने फुटपाथ बनाने वाले ठेकेदार कैलाश अग्रवाल को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है. साथ ही सात दिनों के भीतर क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मत करने के निर्देश दिए हैं. मरम्मत कराने का भुगतान ठेकेदार को नहीं किया जाएगा. नोटिस में चेतावनी दी गई है कि स्पष्टीकरण समाधानकारक नहीं होने पर अनुबंध के प्रविधान के अनुसार कार्रवाई होगी तथा स्मार्ट सिटी के कार्यों में भाग लेने में प्रतिबंधित किया जाएगा.

इससे पहले फुटपाथ बनाने वाले ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने की मांग को लेकर भाजपा पार्षद दल ने स्मार्ट सिटी कार्यालय का घेराव किया. पार्षदों ने स्मार्ट सिटी के बाहर बरसते पानी में प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की. पार्षदों को समझाने के लिए स्मार्ट सिटी के मुख्य परिचालन अधिकारी उज्ज्वल पोरवाल पहुंचे लेकिन पार्षद ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे. मुख्य परिचालन अधिकारी पोरवाल के कक्ष में पहुंचकर पार्षद धरने पर बैठ गए.
पार्षदों ने कहा कि जब तक ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं होगी, वे धरने से नहीं हटेंगे. करीब दो घंटे बाद ठेकेदार को नोटिस जारी होने के बाद पार्षद दल ने धरना-प्रदर्शन समाप्त किया. नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बूढ़ातालाब का फुटपाथ बनाया गया है. खराब निर्माण की वजह से पहली बारिश भी फुटपाथ नहीं झेल पाया और पेवर ब्लाक समेत सीमेंट बूढ़ातालाब में बह गया.
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बूढ़ातालाब के आसपास फुटपाथ किस गुणवत्ता का बनाया गया है. करोड़ों की लागत से बना फुटपाथ एक माह में ही क्षत-विक्षत हो गया. प्रदर्शन में उप नेता प्रतिपक्ष मनोज वर्मा, मृत्युंजय दुबे, डा. प्रमोद साहू, सीमा संतोष साहु, सरिता दुबे, सीमा मुकेश कंदोई, कामिनी देवांगन आदि पार्षद और भाजपा कार्यकर्ता शामिल थे.
महापौर ने किया निरीक्षण
बूढ़ातालाब स्वामी विवेकानंद सरोवर के क्षतिग्रस्त फुटपाथ को देखने के लिए महापौर एजाज ढेबर भी पहुंचे. महापौर ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को ठेकेदार को तत्काल काली सूची में डालने तथा संबंधित अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगने निर्देशित किया. महापौर ने फुटपाथ की तत्काल मरम्मत कराने के भी निर्देश दिए.
