संगठन ने मणिपुर हिंसा की निंदा
भिलाई- आदिवासी मातृशक्ति संगठन द्वारा आत्मानंद पार्क मरोदा सेक्टर में बैठक आहूत की जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई. जिसमें देश की राजधानी नई दिल्ली में जंतर-मंतर में आंदोलन कर रहें. देश का गौरव बढ़ाने वाले महिला कुश्ती पहलवानों के समर्थन में आदिवासी मातृशक्ति संगठन ने पहलवानों की हित में जल्द ही न्याय की अपील की हैं.


बैठक में संगठन ने आदिवासियों के हित में भी चर्चा की. गैर आदिवासियों को आदिवासी का अधिकार देना आदिवासियों के साथ अन्याय है. मणिपुर में हो रही हिंसात्मक घटनाओं का उन्होंने घोर निंदा की. आदिवासियों के विकास एवं उत्थान के लिए आदिवासियों की जनगणना महत्वपूर्ण बताया और राज्य एवं केंद्र सरकार से आदिवासियों की जनणगना की मांग की. राष्ट्रपति, राज्यपाल या सरकार से आदिवासियों के अधिकारों, पांचवी अनुसूची, छठवीं अनुसूची, पेशा कानून एवं आरक्षण के बारे में स्प्ष्ट करने की मांग की जिससे आम जनमानस के मन में आदिवासियों के प्रति गलत अवधारणा दूर हो सके. आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए केंद्र व राज्य सरकार आदिवासी रकबा के रिकॉर्ड को प्रकाशित करें.
आदिवासियों के साथ लगातार अन्याय, अत्याचार होते आ रहें हैं अब बर्दाश्त नही करेगें. हत्या, बलात्कार, फर्जी मुठभेड़, फर्जी मुकदमें, जल-जंगल और जमीन की लूट नागरिक व संविधानिक अधिकारों का हनन व दमन निरंतर बढ़ती जा रही है. संसाधनों को लूट कर आदिवासी की ग्रोथ को कम किया जा रहा अब आदिवासी सहन नहीं करेगा.
बैठक में एमआईसी मेंबर चंद्रभान सिंह ठाकुर, लता उर्वशा, चंद्रिका रावत, चन्द्रकला तारम, दिनेश्वरी भुआर्य, गीतांजलि बिसेन, उमा सिंह जगत, चम्पी ठाकुर, हुमन मंडावी, योगेश्वरी ठाकुर, लुकेश्वरी ठाकुर, किरण ठाकुर उपस्थित रहें.
