सूरजपुर : सूरजपुर जिले में अतिक्रमण हटाने गई पुलिस टीम का अमानवीय चेहरा सामने आया है. अतिक्रमण की कार्रवाई का विरोध करने पर हेड कांस्टेबल ने एक महिला को बाल पकड़कर जमीन पर गिरा दिया और फिर उसकी पीठ पर जोरदार लात मारी. घटना का वीडियो सामने आया है. मामले पर सूरजपुर एसपी का कहना है कि उनके संज्ञान में फिलहाल यह मामला नहीं आया है. वहीं, यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है.

यह पूरा मामला तिलसीवा गांव का है. वायरल वीडियो में प्रधान आरक्षक प्रदीप उपाध्याय महिला को लात मारते नजर आ रहे हैं. इनके अलावा कुछ दूसरे पुलिसकर्मी भी महिलाओं को दौड़ा रहे हैं. असल में तिलसीवा गांव में 18 से ज्यादा लोगों ने गौठान की जमीन पर कब्जा कर रखा था. जिसके चलते प्रशासन की टीम ने इन्हें नोटिस जारी किया था. लेकिन जब इन्होंने कब्जा खाली नहीं किया, तब प्रशासन की टीम बुधवार को यहां अतिक्रमण हटाने गई थी.
जब कार्रवाई शुरू की गई तो ग्रामीणों ने विरोध करना शुरू कर दिया. इस दौरान पुलिस ने ग्रामीणों को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण कंट्रोल नहीं हुए. इस दौरान पुलिस ने सख्ती दिखाते हिए विरोध कर रहीं महिलाओं को पुलिस की गाड़ी में बिठाने की कोशिश की.
बताया जा रहा है कि, महिलाओं ने अतिक्रमण हटाने गई टीम पर पथराव भी किया था. जब तहसीलदार वर्षा बंसल प्रदर्शनकारी महिलाओं को समझाने के लिए पहुंचीं, तब उन्होंने तहसीलदार का भी घेराव कर दिया और उनसे बदतमीजी करने लगीं. उन्हें कुछ देर के लिए बंधक भी बना लिया था. इसके बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा. फिर महिलाओं को हिरासत में लिया गया था.
हेड कांस्टेबल ने की बर्बरता
घटना का जो वीडियो सामने आया है उसमें साफ नजर आ रहा है कि एक महिला को गाड़ी में बिठाने की कोशिश की जा रही है. महिला पुलिसकर्मी उसे पकड़कर ले जाते नजर आ रहे है. तभी एक पुलिस जवान अन्य महिला को बाल से पकड़कर जमीन पर पटकता नजर आ रहा है. इसके बाद वह महिला की पीठ पर जोरदार लात मारता है. महिला के साथ मौजूद युवक पुलिसकर्मी को रोकता है.
उधर, इस मामले में एसपी का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. जबकि एडिशनल एसपी मधुलिका सिंह ने कहा है कि कुछ बाहरी तत्वों ने ही हमला किया किया था. उस संबंध में केस भी दर्ज किया गया है.
