कांकेर : कांकेर जिले के पखांजूर में एक अजीबो-गरीबो मामला सामने आया था, जहां क्षेत्र के सबसे बड़े खेरकट्टा परलकोट जलाशय के ओवरफ्लो पानी टैंक में फूड ऑफिसर का एक महंगा फोन करीब 10 से 15 फीट गहरा पानी में गिर गया. पानी मे गिरे फोन को निकालने के लिए 3 दिनों तक पम्प लगाकर पानी को खाली किया गया जिसके बाद गुरूवार को सुबह फोन को निकाला गया था, जो चर्चा का विषय बना हुआ है. इस मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मामले की जानकारी आने के बाद फ़ूड इंस्पेक्टर निलंबित कर दिया गया है.

ये है पूरा मामला
दरअसल कोयलीबेड़ा ब्लॉक के फूड ऑफिसर राजेश विश्वास 21 मई को छुट्टी मनाने खेरकट्टा परलकोट जलाशय पहुंचे थे, जहां फूड ऑफिसर का महंगा फोन खेरकट्टा परलकोट जलाशय में ओवर फ्लो होकर बहने वाले पानी में गिर गया. पानी लबालब 15 फीट तक भरा हुआ था. इसके बाद अधिकारी का फोन ढूंढने के लिए पानी को कम करने लग गए. पानी निकालने के लिए पिछले तीन दिनों से लगातार 30 एचपी के पंप से पानी निकाला गया और अंततः कल सुबह फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास का फोन पानी से बाहर निकाला गया.
इस संबंध में फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास ने चर्चा के दौरान कहा कि परलकोट जलाशय के ओवरफ्लो पानी टैंक में मेरा फोन गिर गया था. अभी मेरा फोन मिल गया है. सेल्फी लेते वक्त मोबाइल गिर गया था. गोताखोर लोग कोशिश कर रहे थे लेकिन अंदर पत्थर था तो नहीं मिल रहा था. जल संसाधन के एसडीओ साहब से बात किया तो उन्होंने बताया यह पानी यूज नहीं होता. 5 फीट पानी को बाहर निकाला गया. उन्होंने आगे बताया कि सैमसंग कंपनी का फोन था, जिसकी कीमत लगभग 96 हजार रुपए है.
हालांकि जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी राम लाल ढिवर से जब स्थानीय पत्रकारों ने चर्चा की तो उनका कहना था कि 5 फीट तक पानी को खाली करने का परमिशन मौखिक तौर पर दिया गया था, लेकिन अब तक 10 फीट तक पानी को खाली कर चुके हैं. हमने जब उनसे संपर्क साधने की कोशिश की तो उन्होंने हमारा फोन रिसीव नही किया. फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास ने स्वीकार किया कि फोन में विभागीय जानकारी थी, इसलिए यह कदम उठाया. लेकिन फोन बंद हो गया है.
धोखे में रखकर बहाया पानी
सिंचाई विभाग के एसडीओ आरसी धीवर के अनुसार उन्हें बताया गया था कि थोड़ा-बहुत पानी निकलेगा. धोखे में रखकर ज्यादा बहा दिया. चार फीट पानी में गोताखोरों ने गुरुवार को मोबाइल ढूंढ दिया. लेकिन पानी में रहने की वजह से यह ऑन नहीं हुआ. मोबाइल सुधारकों ने बताया कि इतने दिन तक यह वाटर प्रूफ नहीं रह सकता.
जलाशय में गर्मी में भी 10 फीट से अधिक पानी रहता है. यहां आसपास के जानवर भी आते हैं. पानी खाली होने से नाराज ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन में जानवरों को भी पानी नहीं मिलेगा.
