आरएसएस और भाजपा को छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री आखिर बर्दास्त क्यों नहीं हो रहा
बजरंग दल के प्रदर्शन के दौरान उसके एक कार्यकर्ता द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दी गयी गाली की कांग्रेस ने कड़ी निंदा की है. कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बजरंग दल द्वारा यह गाली सिर्फ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दी गयी गाली नहीं बल्कि पौने तीन करोड़ छत्तीसगढ़ियों को दी गयी है. भूपेश बघेल राज्य के मुख्यमंत्री हैं. छत्तीसगढ़िया अस्मिता के प्रतीक हैं, वे छत्तीसगढ़ी संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं. पिछले चार सालों में उन्होंने राज्य की संस्कृति, खान-पान, तीज-त्योहार, परम्परा को विश्वस्तर पर पहचान दिलाने के लिए काम किया है. इससे छत्तीसगढ़ियों के मान-सम्मान और अभिमान बढ़ा है. आरएसएस और भाजपा को यह बर्दास्त नहीं हो रहा कि पंद्रह साल तक जिस छत्तीसगढ़ी अस्मिता को उन्होंने दबाकर रखा था भूपेश बघेल उसे प्रतिष्ठित कर रहे. इसी खीझ में आरएसएस के अनुषांगिक संगठन का कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के लिए अपशब्दों का प्रयोग कर रहा.

कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा बजरंग दल के कार्यकर्ता का यह आचरण आरएसएस के इस संगठन के चरित्र का आईना है. इस संगठन को आरएसएस तथाकथित रूप से धर्म की रक्षा करने वाला संगठन होने का दम्भ भरती है. जिस संगठन के कार्यकर्ता इतने अभद्र और अशिष्ट हो उससे धर्म की रक्षा की उम्मीद नहीं की जा सकती. बजरंग दल के कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहे नौजवानों के अभिवावकों को भी मनन और चिंतन करना चाहिए कि आरएसएस उनके बच्चों में कैसे संस्कार डाल रहा.
