भिलाई : अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा भिलाई के जयंती स्टेडियम में लोगों को एकांतेश्वर महादेव श्री शिवमहापुराण कथा का श्रवण करा रहे. आज कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने देश और छत्तीसगढ़ की वर्तमान स्थिति को लेकर पत्रकारो से चर्चा की.

पं. मिश्रा ने छत्तीसगढ़ में नक्सली घटना को लेकर कहा कि पुलिस सैनिक सभी लोग हमारे धरती को जोड़ने के लिए लगे रहते हैं. जहां भी नक्सली घटना होती है वहां जवानों की जान जाती है तो उनका परिवार बिखर जाता है. परिवार वाले रोते हैं, लेकिन जो परिवार वाले बद्दुआ देते हैं वह हमको भी नष्ट कर देगा. जीवन को अच्छा बनाने की कोशिश करें.
पं. प्रदीप मिश्रा ने समलैंगिकता को लेकर कहा कि समलैंगिक विवाह का जो प्रस्ताव रखा गया है, यह श्रेष्ठ नहीं है. हमारे आने वाले सनातन धर्म के लिए कहीं ना कहीं चोट पहुंचाने वाला है. न्यायालय में इस तरह के मामले आने से सामाजिक व्यवस्था पर इसका असर पड़ सकता है. इसके अलावा उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे.
कान्वेंट स्कूल देते हैं गुलामी की शिक्षा
उन्होंने कहा हमारे देश में जो कान्वेंट स्कूल हैं वो अंग्रेजों की देन हैं. यहां लोगों को गुलामी की नौकरी करने की शिक्षा दी जाती है. भारत के जो गुरुकुल है, वो कभी नौकर बनना नहीं सिखाते. भारत के गुरुकुल राज सिंहासन की गद्दी पर बैठना सिखाते हैं. चाहे छत्रप्रति शिवाजी हों, महाराणा प्रताप या राजा जनक और दशरथ जी सभी गुरुकुल की शिक्षा पाकर ही राज गद्दी पर बैठे हैं, राज गद्दी तक पहुंचने का लक्ष्य हमारे गुरुकुल देते हैं.
कथा सुनाने के लिए नहीं लेते रुपए
शिव महापुराण कथा सुनने के लिए लाखों लोगों की भीड़ आती है. हर कोई उनसे कथा सुनना चाहता है, लेकिन ऐसी भ्रांति फैली है कि वो एक कथा के लिए 40 लाख से 70 लाख रुपए तक लेते हैं. ऐसे में उन्होंने कहा, वो कथा सुनाने के लिए जजमान से एक रुपए भी नहीं लेते हैं. जजमान का खर्च सिर्फ आयोजन की व्यवस्थाओं पर होता है.
पंडित मिश्रा भिलाई दुर्ग को प्रदेश का धार्मिक, सामाजिक सद्भाव वाला सबसे शांत शहर बताया. आपको बता दें कि इस कथा के आयोजनकर्ता सामाजिक संस्था जीवन आनंद फाउंडेशन है. 25 अप्रैल से शुरू हुए इस कथा में रोज हजारों लोगों की भीड़ जुट रही है.
