दुर्ग : दुर्ग में 6 महीने के मासूम बच्चें की चोरी और फिर तालाब से शव बरामद होने के सनसनीखेज मामले को पुलिस ने सुलझा लिया हैं. बच्चें की हत्या किसी और ने नही बल्कि अंधविश्वास में डूबी खुद उसकी कलयुगी मां ने की थी. बताया जा रहा है कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र करने वाली बच्चें की मां का सीसीटीवी विडियों सामने आया हैं. जिसमें वह घटना की रात काली साड़ी पहनकर बच्चे को गोद में ले जाते दिख रही हैं. इस खुलासे के बाद पुलिस ने बच्चे के अपहरण और अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए महिला से पूछताछ कर रही हैं.

दुर्ग जिला में हुए इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस के हाथ सीसीटीवी फूटेज लगा है. जिसमें बच्चे की हत्या से पहले का पूरा घटनाक्रम दिखाई दे रहा है. सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता हैं कि घटना की देर रात मां अपने बच्चे को लेकर निकलती है. इसके बाद से बच्चा लापता हो जाता है. इसका कारण महिला का तंत्र क्रिया करना बताया जा रहा है. दुर्ग पुलिस की माने तो आरोपी महिला मानसिक बीमारी से ग्रस्त है और झाड़-फूंक, जादू-टोने में उसका विश्वास है. गांव के लोगों ने भी पुलिस की पूछताछ में महिला के संबंध में जादू टोना करने की बात जानकारी दी थी. जांच में ये बात भी सामने आई है कि महिला अपनी मानसिक बीमारी का इलाज किसी तांत्रिक से करवा रही थी. आशंका जताई जा रही है तांत्रिक के कहने पर ही उसने अपने बच्चे की हत्या की है.
बताया जा रहा हैं कि घटना की रात उसने अपने बच्चे को दूध पिलाया. इसके बाद जब वो सो गया, तो उसे गोद में लेकर निकली. बच्चे को तालाब में फेंकने के बाद वापस लौटकर उसने खुद ही बच्चा चोरी होने का हल्ला कर दिया. दुर्ग के नगपुरा गांव में 30-31 मार्च की दरम्यानी रात हुए इस घटना की जानकारी के बाद पुलिस 6 माह के नवजात के लापता होने के मामले में अपहरण का अपराध दर्ज कर घटना की विवेचना कर रही थी. इसके बाद अगली सुबह बच्चे का शव पास के ही तालाब से मिला था. पुलिस ने मामले का पता लगाने के लिए बच्चे के शव को पीएम के लिए भेजा और लोगों से पूछताछ शुरू की. जैसे ही पीएम रिपोर्ट में पता चला कि मौत पानी में डूबने से हुई है, तो पुलिस का शक घरवालों पर गहराने लगा. लोगों से पूछताछ में भी मां के ऊपर लोगों ने पूरा शक जाहिर किया. इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली हैं.
बता दें कि बीते 30 मार्च की रात को ग्राम नगपुरा से एक छह माह का बच्चा सिद्धार्थ लापता हो गया था. दो दिन बाद एक अप्रैल को गांव के बस्ती चौक तालाब में उसकी लाश मिली. इसके बाद से पुलिस की टीम गांव में डटी हुई थी. पुलिस ने बच्चे की मां मालती यादव, उसके पिता दिलीप यादव, मालती के पहले पति चुरावन यादव, उसकी मां मुन्नी बाई, चारों भाई और गांव के कुछ लोगों से पूछताछ की थी, लेकिन पूछताछ में कोई भी जानकारी सामने नहीं आ रही थी. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी पद्धति से जांच शुरू की. गांव में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के बारे में पता किया गया तो पता चला कि आसपास में सिर्फ एक मंदिर है. जहां सीसीटीवी कैमरा लगा है.
पुलिस ने मंदिर के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की सूक्ष्मता से जांच की तो उसमें मालती रात में करीब 2:43 बजे अपने बच्चे को लेकर जाती नजर आई. एक बार में फुटेज देखने से वो समझ नहीं आ सकता. क्योंकि मालती ने काले रंग की साड़ी पहनी थी और रात के अंधेरे में कैमरे में उसका स्पष्ट फुटेज नजर नहीं आया. सूक्ष्मता से अवलोकन करने पर मालती अपने बच्चे को लेकर जाती दिखी. इसके बाद हत्या की ये गुत्थी सुलझी. फुटेज में नजर आने के बाद मालती ने भी अपने बच्चे की हत्या करने की बात स्वीकार की.
दुर्ग एसपी ने मामले की तफ्तीश में टीम को लीड कर रहे आईपीएस निखिल रखेचा और वैभव बैंकर की सराहना की है. दुर्ग एसपी अभिषेक पल्लव बुधवार को इस मामले का खुलासा कर सकते हैं.
