दुर्ग : जेवरा सिरसा चौकी पुलिस ने सवारी ऑटो चोरी करने वाले तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उनके पास से चार ऑटो बरामद दिया है. पकड़े गए दो आरोपी पूर्व में भी ऑटो चोरी के मामले में जेल जा चुके है.

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि खुर्सीपार तिरंगा चौक निवासी करन चौधरी चोरी के ऑटो को सवारी ऑटो के रूप में इस्तेमाल कर रहा है. जिसके बाद पुलिस ने करन को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ करने पर ऑटो चोरी करना स्वीकार किया है.
वहीं, आरोपी करन ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर अलग-अलग स्थानों से ऑटो चोरी की वारदात को अंजाम दिया है. करन ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि अपने दोस्त आसिफ अली और अपने साथी अशोक मौर्य के साथ चोरी के ऑटो CG07 BW9552 में घूम-घूमकर ऑटो चोरी की वारदात को अंजाम देते थे.
आरोपियों ने जुलाई 2022 में कुम्हारी से एक ऑटो रिक्शा, माह दिसम्बर 2022 में सोमनी राजनांदगांव से एक ऑटो रिक्शा और दिनांक 22 मार्च को जेवरा सिरसा से एक ऑटो रिक्शा चोरी किया था. आरोपी ऑटो चोरी करने के बाद ऑटो का नम्बर प्लेट बदलकर सवारी ऑटो के रूप में इस्तेमाल करते थे. रात्रि में पुलिस को गुमराह करने के लिए चोरी के ऑटो को भीड़-भाड़ वाले स्थान पर खड़े करके घर चले जाते थे. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके निशादेही पर चोरी की घटना में प्रयुक्त एक ऑटो सहित तीन चोरी की गयी ऑटो रिक्शा बरामद किया. जब्त ऑटो की अनुमानित कीमत 6 लाख बताई जा रही है.
कुछ दिनों पहले ही जेल से बाहर आए थे
पुलिस ने बताया कि करन चौधरी और आसिफ अली पूर्व में पद्मनभापुर थाना क्षेत्र से ऑटो चोरी के मामले में जेल जा चुके हैं. आरोपी करन और आसिफ ने चोरी के ऑटो को सुपेला के कबाड़ी ललित साहू को 10 हजार में बेचा था. इस मामले में पुलिस ने कबाड़ी संचालक ललित साहू को भी गिरफ्तार किया था.
आरोपी करन ने पुलिस को बताया कि फाइनेंस में ऑटो खरीदा था. लेकिन किस्त नही पटाने की वजह से फाइनेंस कंपनी से ऑटो को सीज कर लिया. इसके बाद से करन ने योजना बनाकर आसिफ को अपने साथ लेकर ऑटो की वारदात को अंजाम देना शुरू किया था. आरोपी करन चोरी के ऑटो को 200 रुपए में किराया में देता था और चोरी के ऑटो का नंबर बदलकर सड़को में दौड़ाता था.
