जमीन व सामुदायिक भवन निर्माण के लिए हर संभव मदद करेगी छत्तीसगढ़ सरकार
छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के दो दिवसीय 77 वें महाधिवेशन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों को गांव के लोग आपसी सहयोग कर बिना भवन के संपन्न करा लेते हैं, पर शहरों में जगह अभाव के चलते कार्यक्रम करवाना कठिन हो जाता है. छत्तीसगढ़ में ऐसे कई समाज हैं जिनके पास न तो अपना जमीन है और ना ही भवन. ऐसे समाज आगे आए और सरकारी भूखंडों को अपने समाज के लिए मांग करें. उसे 10% की राशि पर भूखंड उपलब्ध कराया जाएगा. और जमीन मिलने के बाद उस समाज को सामुदायिक भवन निर्माण के लिए आर्थिक मदद भी की जाएगी.


दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने सभी समाज के लोगों को शिक्षा पर जोर देने की बात कहते हुए कहा कि पहले लोग कम पढ़ लिखकर भी नौकरी प्राप्त कर लेते थे, पर आज ग्रेजुएशन करने के बाद भी संभव नहीं हो पाता. कॉन्पिटिटिव एग्जाम को जब तक पास नहीं करेंगे, नौकरी मिलना मुश्किल है. आज प्रक्रिया बदल गई है. सेवाराम टिकरिया, उदयराम वर्मा जैसे कुर्मी समाज के कई ऐसे पूर्वज है जिन्होंने अपनी जमीनें दान कर गांव-गांव में स्कूल खुलवाए. शिक्षा की अलख जगाई. उसी का परिणाम है कि पाटन क्षेत्र के लोग आज शिक्षा में आगे हैं और सबसे अधिक शासकीय नौकरी में है. सबको पढ़ने का अवसर मिले इस दिशा में राज्य सरकार काम कर रही है. स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम की स्कूल खुलवाने पर जोर दे रही है. ताकि गांव के बच्चे अंग्रेजी में अपनी पढ़ाई पूरी कर विदेशों में नौकरी पाने के काबिल हो. कई बच्चे हायर एजुकेशन प्राप्त कर अंग्रेजी भाषा में लिख तो लेते हैं पर बोलने में निपुण नहीं होते. उन्हें देखकर ही अंग्रेजी माध्यम स्कूल के खोलने पर जोर दिया जा रहा है. जो लोग आज शासकीय नौकरी कर रहे हैं उन्हें नौकरी प्राप्त करने के बाद कई समस्याओं से भी जूझना पड़ रहा है.

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि सरकार छत्तीसगढ़ में ज्यादा से ज्यादा स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए रूरल इंडस्ट्रियल पार्क पर जोर दे रही है. सरकारी जमीन को इसके लिए आरक्षित किया जा रहा है. बिजली, अप्रोच रोड, पानी और ब्याज पर ऋण की सुविधा भी लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है. क्लस्टर के रूप में एक जगह को विकसित किया जा रहा है. वहां स्वरोजगार करने वाले लोगों को ना केवल रा-मटेरियल उपलब्ध कराया जा रहा है, बल्कि उनके उत्पाद के लिए बाजार मुहैया कराई जा रही है. जगदलपुर में गोबर से बिजली उत्पन्न किया जा रहा है. कई जगह प्राकृतिक पेंट का निर्माण किया जा रहा है. इस प्राकृतिक पेंट से सभी सरकारी भवनों की पुताई की जा रही है. गांव के बाद अब शहरों में अर्बन इंडस्ट्रियल पार्क की योजना पर जोर दिया जा रहा है. नगर पंचायत के भूमिहीन श्रमिक मजदूरों को भी सालाना ₹7000 का आर्थिक लाभ दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि चाहे गांव हो या शहर सभी लोगों के हाथ में पैसा होना चाहिए. लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के संस्कृति की चर्चा देश दुनिया में हो रही है. पहले छत्तीसगढ़ की पहचान नक्सलगढ़ के रूप में था. जब मैं कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात किया तो उन्होंने मेरे फाग गीत की तारीफ की. हालांकि छत्तीसगढ़ के आवासहीन व्यक्तियों की जनगणना के लिए ही मैंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की. सन 2012 के आधार पर ही इस योजना का लाभ दिया जा रहा है. जबकि आज जनगणना करने की आवश्यकता है. यदि केंद्र सरकार जनगणना नहीं कराएगी तो भी छत्तीसगढ़ सरकार आवासहीन व्यक्तियों को आज के परिदृश्य में मकान उपलब्ध कराने की योजना बनाएगी.
