दुर्ग जिला अस्पताल की बदहाली पर फूटा गुस्सा
दुर्ग- दुर्ग जिला अस्पताल में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं, बुनियादी सुविधाओं के अभाव और कथित लापरवाही के कारण हो रही मौतों के मामलों को लेकर मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस के सचिव अय्यूब खान ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया से मुलाकात की. नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में मुलाकात के दौरान उन्होंने एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की.
कांग्रेस नेता अय्यूब खान ने स्वास्थ्य सचिव को निम्नलिखित मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित कराया.
ब्लड उपलब्ध होने के बाद भी मरीज की मृत्यु
इसके बावजूद 01/06/2026 को जिला अस्पताल दुर्ग में ब्लड उपलब्ध न होने के कारण युवती दीपिका यादव की मृत्यु हो गई. रक्त उपलब्ध होते हुए भी मरीज को रक्त न देना अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही एवं रक्त की कालाबाजारी की ओर इशारा करता है. इसकी उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए.
मर्चुरी का फ्रिज बंद होना
जिला अस्पताल दुर्ग का मर्चुरी फ्रिज कई दिनों से बंद पड़ा है. इससे मृतकों के परिजनों को शव रखने में अत्यंत कठिनाई हो रही है. फ्रिज को तत्काल सुधरवाकर चालू किया जाए.
नसबंदी ऑपरेशन के दौरान 2 महिलाओं की मृत्यु
कुछ दिन पूर्व नसबंदी शिविर में लापरवाही के कारण 2 महिलाओं की मृत्यु हो गई थी. इस मामले में दोषी डॉक्टरों/कर्मचारियों पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही कर भविष्य में ऐसी घटना न हो, यह सुनिश्चित किया जाए.
न्यूरोसर्जन का अभाव
जिला अस्पताल दुर्ग में न्यूरोसर्जन की कोई पदस्थापना नहीं है. सड़क दुर्घटना व गंभीर सिर की चोट वाले मरीजों को तुरंत रायपुर रेफर किया जाता है, जिससे कई मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं. न्यूरोसर्जन की तत्काल पदस्थापना की जाए.
ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों की अनुपस्थिति
ट्रामा सेंटर में 24×7 डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहते. आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता. ट्रामा सेंटर में शिफ्टवार विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए.
बिना जांचे मरीजों को रेफर करना
मरीजों को बिना प्राथमिक जांच/उपचार किए तुरंत अन्य अस्पताल रेफर कर दिया जाता है. यह मरीजों और परिजनों के लिए मानसिक-आर्थिक दोनों रूप से कष्टदायक है. रेफर करने से पूर्व अनिवार्य प्राथमिक उपचार/जांच का प्रावधान किया जाए.
सीटी स्कैन मशीन बंद/अनुपलब्ध होना
अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध न होने से सिर, पेट व अन्य गंभीर चोट वाले मरीजों को निजी सेंटर में महंगे दाम पर जांच करानी पड़ती है. सीटी स्कैन मशीन को चालू कर 24×7 सेवा प्रारंभ की जाए.
