बिना पलक झपकाए दर्शन दे रहीं चैतन्य देवियां
भिलाई- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, सेक्टर-7 राजयोग भवन द्वारा शरदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर ध्वनि एवं प्रकाश (लाइट एंड साउंड) के सुंदर समायोजन के साथ चैतन्य देवियों की झांकी का शुभारंभ किया गया. इस अलौकिक झांकी का उद्घाटन शिव-शक्ति स्वरूपा ब्रह्माकुमारी दीदियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर विधिवत किया गया. विशाल पर्वत श्रृंखलाओं और गुफाओं के मध्य से एक-एक कर जड़ मूर्ति रूप में चैतन्य देवियों का प्रकट होना और भक्तों को दर्शन देना अत्यंत दिव्य अनुभूति कराता है.
आंतरिक शक्तियों के दर्शन एवं स्वयं में सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करती यह झांकी अंदर की अशांति को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश फैलाती है. यह संदेश देती है कि अष्टभुजाधारी मां दुर्गा की अष्ट शक्तियां हम सब में विद्यमान हैं, जिन्हें भारत के प्राचीन राजयोग ध्यान द्वारा जागृत कर व्यवहार में लाना है.

चैतन्य देवियों के रूप में विराजित ब्रह्माकुमारी बहनें प्रतिदिन के राजयोग अभ्यास के बल पर तन और मन की ऐसी स्थिरता का परिचय देती हैं कि बिना पलक झपकाए वे जड़ मूर्ति रूप में प्रतीत होती हैं. उनकी यह साधना देखकर दर्शनार्थियों को आसानी से यकीन नहीं होता कि ये सजीव (चैतन्य) देवियां हैं.

झांकी के माध्यम से यह भी संदेश दिया गया है कि जिस प्रकार बचपन की शुद्धता और नदी का उद्गम स्थल बेहद पवित्र होता है, उसी प्रकार जीवन में शिव की शक्तियों को धारण करने के लिए हमें बुराइयों, अशुद्धियों, नकारात्मकता, व्यसन और ईर्ष्या-द्वेष का त्याग करना होगा. यही इस चैतन्य देवियों की झांकी का मूल संदेश है.
10 दिवसीय राजयोग शिविर का आयोजन
इस अवसर पर “अपनी शक्तियों से करें मुलाकात” विषय पर 10 दिवसीय निःशुल्क राजयोग शिविर का आयोजन किया जा रहा है. यह शिविर 22 अक्टूबर से निम्नलिखित समय पर उपलब्ध रहेगा, जिसमें प्रतिभागी अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी एक समय का लाभ ले सकते हैं:
प्रातः काल: 07:00 से 08:00 बजे तक
संध्या काल: 05:30 से 06:30 बजे तक
संध्या काल: 07:30 से 08:30 बजे तक

