स्पा सेंटर की आड़ में सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, मैनेजर व महिला दलाल समेत 9 गिरफ्तार
दुर्ग- जुनवानी स्थित ‘ली वेलनेस स्पा सेंटर’ में पुलिस ने दबिश देकर देह व्यापार का भंडाफोड़ किया है. स्मृतिनगर थाना पुलिस को मुखबिर से अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके बाद की गई छापेमारी में मैनेजर, महिला दलाल और ग्राहकों समेत कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 19 मोबाइल फोन, नगदी और अन्य सामग्री जब्त की है.
पुलिस को सूचना मिली थी कि जुनवानी स्थित स्पा सेंटर में मसाज और वेलनेस सर्विस की आड़ में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं. सूचना की तस्दीक के बाद स्मृतिनगर पुलिस ने टीम गठित कर सेंटर में दबिश दी. छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके पर कई लोग मिले. जांच आगे बढ़ने पर स्पा सेंटर के संचालन से जुड़ी कथित गतिविधियों की जानकारी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने मौके से 9 लोगों को हिरासत में लिया.
पुलिस के अनुसार, सेंटर का मैनेजर तनय सोनी ग्राहकों से पैसे लेने और महिलाओं को उपलब्ध कराने की गतिविधि में कथित तौर पर शामिल था. वहीं हेमा सिंह उर्फ प्रीत पर महिला दलाल के रूप में भूमिका निभाने का आरोप है. पुलिस का कहना है कि ग्राहकों से संपर्क कराने और महिलाओं को बुलाने के लिए महिला दलाल के माध्यम से व्यवस्था की जाती थी. पूरे मामले में मैनेजर की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 19 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपये बताई गई है. इसके अलावा मौके से 1,900 रुपये नगद, कुछ दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है. पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच कर रही है. इसके जरिए सेंटर से जुड़े अन्य लोगों और कथित नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.
पुलिस ने मामले में तनय सोनी (23), हेमा सिंह उर्फ प्रीत (32), रूपेन्द्र जंघेल (39), रितिक सोनी (26), दिनेन्द्र कुमार सोनी (27), हेमंत सिन्हा (28), अविनाश शर्मा उर्फ अभी (32), आनंद कुमार (31) और अरुण पांडेय (24) को गिरफ्तार किया है.
स्मृतिनगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 3, 4, 5 और 7 के तहत कार्रवाई की है. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि स्पा सेंटर में कथित गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं और इस नेटवर्क से अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं. जब्त मोबाइल और दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है.

