स्कूल रिकॉर्ड में जाति संशोधन की मांग, अभिभावक ने दिया जनदर्शन में आवेदन

पट्टा में नाम परिवर्तन नहीं होने से योजनाओं का लाभ नहीं मिलने की शिकायत
दुर्ग- जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी. उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा. जनदर्शन में अपर कलेक्टर सिल्ली थॉमस भी उपस्थित थीं. जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित बुधवार को 109 आवेदन प्राप्त हुए.
खुर्सीपार भिलाई निवासी अभिभावक ने अपनी पुत्री के स्कूल के दाखिल-खारिज रिकॉर्ड में दर्ज जाति के स्थान पर वास्तविक जाति दर्ज कराने की मांग की. उन्होंने बताया गया है कि पहली कक्षा में प्रवेश के समय जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होने के कारण स्कूल रिकॉर्ड में त्रुटिवश जाति दर्ज हो गया था. बाद में सक्षम प्राधिकारी द्वारा संशोधित जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया. स्कूल रिकॉर्ड में संशोधन नहीं होने पर भविष्य में छात्रवृत्ति, आरक्षण एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है. इस पर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए.
ग्राम थनौद के किसानों ने भारतमाला सड़क निर्माण से फसल नुकसान की शिकायत की. किसानों ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान उनकी कृषि भूमि की मेड़ें समतल कर दी गईं, बाड़ और पोल हटा दिए गए तथा निर्धारित सीमा से अधिक भूमि घेर ली गई, जिससे खेती प्रभावित हो रही है. पर्याप्त जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से पहली ही बारिश में खेतों का कटाव हुआ, मुरुम और मलबा खेतों में भर गया जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है. किसानों ने उचित जल निकासी की व्यवस्था कराने, प्रभावित भूमि का सुधार कराने व मुआवजे की मांग की. इस पर कलेक्टर ने एनएचएआई को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा.
वैशाली नगर निवासी ने जनदर्शन में आवेदन देकर अपने आवासीय पट्टे में नाम परिवर्तन कराने की मांग की है. आवेदक ने बताया कि घर का पट्टा उनके बड़े भाई के नाम पर है. उनके बड़े भाई का वर्ष 2022 में निधन हो गया. इसके बाद भी पट्टा उनके नाम पर दर्ज नहीं हो सका है. नाम परिवर्तन नहीं होने के कारण उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. इस पर कलेक्टर ने नगर निगम भिलाई को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा.
