CG विधानसभा मानसून सत्र : भूपेश बघेल और अजय चंद्राकर में जोरदार नोकझोंक, महंत की चुटकी पर मुस्कुराए डॉ. रमन सिंह

रायपुर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल के दौरान नवा रायपुर में प्रस्तावित ‘सेवाग्राम’ परियोजना को लेकर सदन का माहौल बेहद गर्मा गया. इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के बीच जमकर तीखी नोकझोंक देखने को मिली. दोनों नेताओं के बीच हुई बहस पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की चुटकी ल और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की मुस्कान भी चर्चा का विषय बनी.
विधायक अजय चंद्राकर ने नवा रायपुर में सेवाग्राम परियोजना पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि “किसी एक व्यक्ति की स्वेच्छाचारिता के चलते जनता के करीब 200 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन न तो संचालन की व्यवस्था है और न ही मॉनिटरिंग.” उन्होंने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से परियोजना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि सेवाग्राम सहित तीनों परियोजनाएं पिछली सरकार के समय शुरू की गई थीं. उन्होंने कहा कि लोकधन का उपयोग हमेशा लोकहित में होना चाहिए. मंत्री के जवाब के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बोलने की अनुमति दी. जैसे ही बघेल अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए, अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उनका प्रश्न अभी पूरा नहीं हुआ है. इस पर भूपेश बघेल ने नाराजगी जताते हुए कहा, “आप कौन होते हैं रोकने वाले? मैं अध्यक्ष की अनुमति से बोल रहा हूं.” दोनों नेताओं के बीच कुछ देर तक तीखी बहस हुई, जिसके बाद बघेल अपनी सीट पर बैठ गए. दोनों नेताओं के बीच हुई नोकझोंक के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने हल्के अंदाज में कहा, “अभी तो दोनों गुरुभाई बन रहे थे, अब क्या होगा?” महंत की इस टिप्पणी पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुस्कुराते नजर आए.
वित्त मंत्री के लिखित जवाब के अनुसार, नवा रायपुर में सेवाग्राम बनाने का निर्णय 10 मार्च 2022 को लिया गया था. परियोजना का उद्देश्य महात्मा गांधी के आत्मनिर्भर ग्राम की अवधारणा को बढ़ावा देना, आजादी के मूल्यों का संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है. परियोजना के तहत बायोडायवर्सिटी पार्क, म्यूजियम, लाइब्रेरी, प्रेयर हॉल, क्राफ्ट सेंटर, एम्फीथिएटर, प्रशिक्षण केंद्र और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया गया है. सरकार के अनुसार निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं और अब तक करीब 107.77 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. हालांकि, सेवाग्राम के संचालन के लिए अब तक कोई सेटअप स्वीकृत नहीं किया गया है.
