आदिवासी विकास परिषद का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन: एकजुटता और डिजिटल पहल पर जोर, वेबसाइट लॉन्च कर “जनमित्र नेटवर्क” की शुरुआत
अंबिकापुर – छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के तत्वावधान में अंबिकापुर में प्रदेश स्तरीय महा सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि, महिला सदस्य, युवा और बुद्धिजीवी शामिल हुए. कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी समाज को एक मंच पर लाकर उनकी समस्याओं पर चर्चा करना और उनके समाधान के लिए ठोस रणनीति तैयार करना रहा.

शिक्षा और तकनीक से बदलेगी समाज की तस्वीर: शाह
परिषद के अध्यक्ष आर.के. शाह ने कहा कि अब समय केवल समस्याओं पर चर्चा करने का नहीं, बल्कि उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाने का है। उन्होंने शिक्षा, तकनीक और संगठन को समाज की सशक्तिकरण की मुख्य कुंजी बताया.
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि परिषद द्वारा एक डिजिटल प्लेटफॉर्म और वालंटियर नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जाएगी. इसके जरिए एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग के युवाओं को शिक्षा और रोजगार से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा.

एकजुटता ही सफलता की कुंजी : भगत
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने अपने संबोधन में कहा कि आदिवासी समाज के विकास के लिए एकजुटता आवश्यक है. उन्होंने कहा कि संगठित प्रयासों से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अधिकारों से जुड़े मुद्दों का समाधान संभव है. सम्मेलन में विभिन्न वक्ताओं ने आदिवासी समाज की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और विकास की संभावनाओं पर अपने विचार रखे.

डिजिटल क्रांति: वेबसाइट और जनमित्र नेटवर्क
सीजीएवीपी की वेबसाइट आदिवासी नेता आदित्य भगत ने लॉन्च की. इस दौरान उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद ने यह वेबसाइट समाज और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से शुरू की है. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज लंबे समय से जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है और इस संघर्ष के दौरान समाज के लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इन समस्याओं में मदद के लिए वेबसाइट को लॉन्च किया गया है. इसके माध्यम से जनमित्र नेटवर्क को गांव-गांव तक बनाने का प्रयास किया जाएगा. वॉलेंटियर आदिवासी समाज के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझेंगे और जरूरतमंद लोगों की मदद करेंगे. इस पहल में सात अलग-अलग पैरामीटर पर जनमित्रों को जोड़ा जा रहा है, जिससे समाज के लोगों तक सहायता और जानकारी आसानी से पहुंच सके.

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि, महिला सदस्य, युवा और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे. सम्मेलन के अंत में समाज के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया गया.

