जानें क्या हैं लक्षण और कैसे करें तुरंत प्राथमिक उपचार
रायगढ़- प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में लू चलने की संभावना जताई है. जारी चेतावनी के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य के बलौदाबाजार, बेमेतरा, बिलासपुर, दुर्ग, कबीरधाम, खैरगढ़-छुईखदान-गंडई, मुंगेली, रायगढ़, रायपुर और राजनांदगांव जिले प्रभावित हो सकते हैं. मौसम में अचानक आई इस तेज गर्म हवाओं और बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है.
कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायगढ़ डॉ. अनिल कुमार जगत ने लू के लक्षण, बचाव और प्राथमिक उपचार के संबंध में विस्तृत जानकारी जारी करते हुए नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि ग्रीष्म ऋतु में लू का प्रभाव गंभीर हो सकता है, इसलिए सभी लोग आवश्यक एहतियात अपनाएं. घर से बाहर निकलने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के, सूती एवं ढीले कपड़े पहनें. धूप में निकलते समय सिर को ढंककर रखें तथा छतरी, टोपी या कपड़े का उपयोग करें. साथ ही शरीर में पानी की कमी न होने दें और नियमित रूप से पानी, छाछ, ओआरएस घोल, लस्सी, नींबू पानी और आम का पना जैसे पेय पदार्थों का सेवन करते रहें.
स्वास्थ्य विभाग ने लू के प्रमुख लक्षणों में सिरदर्द, तेज बुखार, उल्टी, अत्यधिक पसीना, बेहोशी, कमजोरी, शरीर में ऐंठन और नब्ज का असामान्य होना बताया है. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सतर्क हो जाना जरूरी है. विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर लिटाएं, उसके कपड़े ढीले करें और ठंडे पानी की पट्टियां रखें, ताकि शरीर का तापमान कम किया जा सके. साथ ही उसे तरल पदार्थ जैसे पानी, ओआरएस घोल या कच्चे आम का पना पिलाएं. उन्होंने यह भी कहा कि धूप में खाली पेट न निकलें, ज्यादा मिर्च-मसाले या बासी भोजन से परहेज करें और कूलर या एसी से निकलकर अचानक तेज धूप में जाने से बचें. यदि स्थिति गंभीर हो तो प्रभावित व्यक्ति को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है. स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि लापरवाही न बरतें और लू से बचाव के उपायों का पालन कर सुरक्षित रहें.
