May 23, 2026

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नेऊरडीह नक्शा सुधार मामले में फंसे राजस्व अधिकारी, अपर कलेक्टर ने मांगा स्पष्टीकरण

सारागांव नायब तहसीलदार की भूमिका पर उठे सवाल

रायपुर – रायपुर जिले के ग्राम नेऊरडीह में नक्शा सुधार के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें राजस्व अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है. मामला का उजागर होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है और मामले की फाइल (नस्ती) आगे बढ़ाई गई है. अब इस पूरे मामले में अपर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण (जवाब) मांगा है.

क्या है पूरा मामला?

अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन

छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 107(5) के तहत नक्शा सुधारने या दुरुस्त करने का अधिकार केवल अपर कलेक्टर को है. इसके बावजूद, सारागांव के नायब तहसीलदार ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर नक्शा दुरुस्ती का आदेश पारित कर दिया.

बिना जांच रिपोर्ट के लिया फैसला

अपर कलेक्टर के आदेश के अनुसार, इस मामले की जांच के लिए प्रकरण को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय भेजा गया था. लेकिन बिना किसी जांच प्रतिवेदन के ही सीधे नक्शा सुधार की कार्रवाई कर दी गई.

डिजिटल नक्शे का खेल

शिकायतकर्ता के अनुसार, जो खसरा नंबर (59/5ए) पुराने सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं था, उसे चालाकी से डिजिटल नक्शे में जोड़ दिया गया. इस तरह सरकारी जमीन को निजी व्यक्ति के नाम पर दर्ज कर दिया गया.

अपर कलेक्टर का कड़ा रुख

मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर कलेक्टर रायपुर ने नोटिस जारी कर पूछा है कि नायब तहसीलदार सारागांव ने किस अधिकार से यह आदेश जारी किया? इसके साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई कर पूरा मामला जांच प्रतिवेदन के साथ दोबारा एसडीएम ऑफिस भेजा जाए. इस मिलीभगत में पटवारी, राजस्व निरीक्षक और तत्कालीन तहसीलदार पर भी आरोप लगे हैं.