पटवारियों की हड़ताल से किसान परेशान – कांग्रेस
रायपुर- पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल और धान खरीदी पंजीयन को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है. प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि सरकार खुद नहीं चाहती कि पटवारियों की हड़ताल खत्म हो. हड़ताल के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और समय पर धान पंजीयन न होने से अन्नदाताओं के समक्ष संकट खड़ा हो गया है. धान खरीदी के लिये पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तक निर्धारित है. पटवारियों की हड़ताल के कारण 31 अक्टूबर तक सभी किसानों का पंजीयन कैसे हो पायेगा? धान खरीदी के लिए पंजीयन का काम चल रहा है, लेकिन फौती काटना बंद होने और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं होने से किसान तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं.
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पटवारी प्रतिवेदन के बिना तहसीलदार और एसडीएम कार्यालयों में राजस्व के प्रकरण लंबित हो गए हैं. धारा 115 के तहत लाखों प्रकरण पहले से ही शीर्ष कार्यालयों में लंबित हैं और अब नए प्रतिवेदन ही नहीं पहुंच रहे हैं. फौती, नामांतरण, बंटवारा और त्रुटि सुधार के लिए किसानों को भटकना पड़ रहा है. ऐसी स्थिति में यदि रिकॉर्ड समय पर दुरुस्त नहीं हुआ तो हजारों किसानों को धान बेचने से भी वंचित होना पड़ सकता है.
श्री शुक्ला ने कहा कि पटवारी राजस्व विभाग द्वारा थोपे गए नए पीवी ऐप यानी फिजिकल वेरिफिकेशन ऐप का विरोध कर रहे हैं. इस ऐप के जरिए डिजिटल सर्वे और जीपीएस फोटो अपलोड करना अनिवार्य किया गया है, लेकिन ऐप में लगातार तकनीकी खामियां आ रही हैं. सर्वर डाउन रहना, लोकेशन मैच न होना, और खेत में खड़ी फसल के भौतिक सत्यापन में आ रही व्यवहारिक दिक्कतों से पटवारी परेशान हैं.
उन्होंने कहा कि पटवारी संघ पहले ही सरकार को इन दिक्कतों से अवगत करा चुका था, लेकिन सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके चलते उन्हें मजबूरन हड़ताल के रास्ते पर जाना पड़ा. उनका यह विरोध पूरी तरह जायज है. सरकार पटवारियो के हड़ताल का समाधान निकाले ताकि धान खरीदी में उसका विपरीत प्रभाव नही पड़े.
