July 27, 2026

Blog


ब्लैंक चेक और कोरे कागजात में दस्तखत कराकर की ठगी

राजनांदगांव- मजबूरी का फायदा उठाकर करोड़ों की जमीन पर कब्जा जमाने और उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी देने वाले दो सगे भाइयों के काले कारनामे का खुलासा हुआ है. थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी निर्मलचंद कोठारी और नलिन कोठारी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है.

मामला राजनांदगांव के पार्टीकला निवासी पीड़ित रोहित कुमार साहू और उसके परिवार से जुड़ा है. वर्ष 2021 में रोहित के पिता आनंद राम साहू को पैसों की सख्त जरूरत थी. इसी मजबूरी का फायदा उठाकर कामठी लाइन निवासी निर्मल कोठारी ने 2 प्रतिशत मासिक ब्याज दर पर 5,11,000 का कर्ज दिया. कर्ज के एवज में आरोपियों ने सुरक्षा के नाम पर पीड़ित की खसरा नंबर 138/6 स्थित 40 डिसमिल जमीन गिरवी रखी और पीड़ित, उसके पिता व भाई से ब्लैंक चेक व कोरे कागजों पर दस्तखत करवा लिए. निर्मल कोठारी द्वारा गिरवी रखी गई जमीन को अपने नाम पर रजिस्ट्री करवा लिया और इसे तथा इसके परिवार को दबावपूर्वक जान से मारने या मरवा डालने की धमकी 06 प्रतिशत की दर से ब्याज में रूपये भी वसुलता रहा. कोरे कागजात पर छलपूर्वक झुठा किरायानामा अपने भाई नलिन कोठारी से बनवाकर सिक्युरिटी के तौर पर लिये गये ब्लैंक चेक को बाउंस करवाकर झुठा मामला न्यायालय में करवाया गया. उधार ली गई रकम को लौटा देने के बावजूद इनके स्वामित्व की जमीन को वापस करने के एवज में बैंक से 20,00,000/- रूपये की रकम फाईनेंस करवाकर निर्मल कोठारी को देने पर केवल 12 डिसमिल जमीन को वापस किया है, शेष 28 डिसमिल जमीन अपने स्वामित्व में रखा है जिसे लौटाने के लिए दबावपूर्वक और रकम की मांग कर रहा है. निर्मल कोठारी एवं नलिन कोठारी द्वारा मुझे एवं मेरे परिवार को झुठे केस में जेल भेजवाने की धमकी देकर सुनियोजित धोखा, ठगी एवं आपराधिक कृत्य कर मानसिक, शारीरिक व आर्थिक रूप से परेशान करना बताया. रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलॉफ अप.क्र. 398/26 धारा 386, 420, 34 भादवि., छ.ग. ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 की धारा 4 के तहत अपराध पंजीबद्व कर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया.

आरोपी निर्मलचंद कोठारी एवं नलिन कोठारी निवासी कामठी लाईन राजनांदगांव को तलब कर प्रकरण के संबंध में पूछताछ किया गया, जो जुर्म स्वीकार करने पर दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर माननीय के समक्ष पेश कर जेल भेजा गया.