May 25, 2026

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जशपुर की गलियों से निकलकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 तक पहुँचा छत्तीसगढ़ का गौरव

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाई

रायपुर- छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर अपनी अद्वितीय चमक बिखेरते हुए पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है. जशपुर जिले के होनहार धावक अनिमेष कुजुर ने फेडरेशन कप-2026 में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए 100 मीटर की दौड़ मात्र 10.15 सेकंड में पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है. इस ऐतिहासिक और गौरवमयी उपलब्धि के साथ ही अनिमेष ने आगामी  कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 के लिए भी सफलतापूर्वक क्वालीफाई कर लिया है.

कड़े संघर्ष और अटूट संकल्प की प्रेरक कहानी

अनिमेष कुजुर की यह स्वर्णिम सफलता केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के युवाओं के अदम्य साहस, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का जीवंत प्रतीक है. अत्यंत सीमित संसाधनों और कठिन भौगोलिक व आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद, जशपुर की माटी से निकलकर अंतर्राष्ट्रीय मंच तक का सफर तय करना उनकी अथक साधना, कड़े अनुशासन और निरंतर संघर्ष की एक बेहद प्रेरक गाथा है.

युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत- मंत्री राजेश अग्रवाल

इस ऐतिहासिक कामयाबी पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अनिमेष कुजुर को अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा छत्तीसगढ़ के युवा आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं. अनिमेष ने अपनी लगन और असाधारण मेहनत से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन किया है. उन्होंने कहा कि अनिमेष की यह सफलता प्रदेश के लाखों उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का एक महान स्रोत बनेगी. राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सफलता के कई नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे. मंत्री श्री अग्रवाल ने अनिमेष के उज्ज्वल भविष्य और आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए देश की ओर से शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे आगे भी देश को गौरवान्वित करते रहेंगे.

प्रदेशभर में उत्साह और गर्व का माहौल

अनिमेष की इस शानदार राष्ट्रीय विजय से पूरे छत्तीसगढ़ में जश्न और गर्व का माहौल है. खेल प्रेमियों, युवा संगठनों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने अनिमेष की इस जादुई दौड़ की सराहना करते हुए इसे राज्य के खेल इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय बताया है. इस बड़ी उपलब्धि ने प्रदेश के ग्रामीण व शहरी अंचलों के युवाओं में खेलों के प्रति एक नई ऊर्जा, उमंग और आत्मविश्वास का संचार कर दिया है.